शहादत की ऐसी तस्वीरें आपने शायद ही पहले कभी देखी होंगी जब एक बहादुर जवान सीना चौड़ा कर तिरंगे को सलामी दे रहा हो और कुछ देर बाद ही उसी तिरंगे में लिपटकर अपने घर लौटे। आइए आपको दिखाते हैं कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ कमांडेंट प्रमोद कुमार की वो तस्वीरें जिनमें पहले वह तिरंगे को सलामी देते दिख रहे हैं और एक घंटे बाद ही मुठभेड में शहीद होने के बाद उसी तिरंगे में उनका जनाजा उनके घर पहुंचा।
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- फोटो : crpf
ये तस्वीर है सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब की जब सीआरपीएफ कमांडेंट प्रमोद कुमार बेस कैंप में तिरंगे को सलामी देने से पहले साथियों को संबोधित कर रहे थे।
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- फोटो : ANI
इसके बाद कमांडेंट प्रमोद कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी।
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- फोटो : ANI
इस दौरान प्रमोद ने अपने साथियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हमें देश के लिए हर समय जान की बाजी लगाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने पूर्व में शहीद हुए जवानों का उदाहरण देकर साथियों का हौसला बढ़ाया।
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- फोटो : ANI
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडारोहण के कार्यक्रम से प्रमोद कुमार निपटे ही थे कि सूचना आ गई कि नजदीक ही आतंकियों ने हमला कर दिया है। वह तुरंत अपने कुछ साथियों के साथ मौके के लिए निकल लिए। और उसके बाद....
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- फोटो : ANI
सूचना आई कि कमांडेंट प्रमोद कुमार एक बहादुर जवान की तरह दुश्मन की गोलियों के शिकार हो गए हैं। इसके बाद उनका जनाजा तिरंगे में लिपटकर उनके घर पहुंचा।
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- फोटो : ANI
ये विडंबना ही थी कि जिस तिरंगे को सलामी देकर प्रमोद कुमार दुश्मन से लोहा लेने पहुंचे थे उसी में लिपटकर उनका शव उनके झारखंड स्थित पैतृक आवास पहुंचा।
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लाड़ले बेटे का शव तिरंगे में लिपटा देख उनकी मां अपनी सुधबुध खो बैठी और शव से लिपटकर खूब रोईं।
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इस दौरान प्रमोद के साथी और रिश्तेदारों के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। किसी ने अपना बेटा खोया था किसी ने अपना बहादुर साथी।