हाईवे टनलों (राजमार्ग सुरंगों) के मामले में जम्मू कश्मीर रियासत राष्ट्र ही नहीं, पूरे एशिया में रिकार्ड बनाने जा रही है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर दक्षिण एशिया की सबसे लंबी 9.2 किलोमीटर चिनैनी नाशरी टनल के बाद 8.45 किलोमीटर लंबी काजीगुंड बनिहाल टनल पर कार्य तेजी से चल ही रहा है।
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मई में श्रीनगर लेह हाईवे पर 14.2 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल का निर्माण कार्य भी शुरू हो सकता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्रीनगर लेह हाईवे पर जोजिला टनल कई मायनों में राष्ट्र का गौरव बढ़ाएगी।
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जोजिला पास के पास सर्दियों के छह महीने में बर्फबारी से तापमान करीब माइनस 45 डिग्री तक पहुंच जाता हैं। इससे यातायात छह महीने तक ठप ही रहता है। जोजिला टनल बनने के बाद इस हाईवे को आल वेदर बनाया जाएगा।
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श्रीनगर कारगिल लेह हाईवे पर 11578 फीट की ऊंचाई पर 14.5 किलोमीटर की टनल का निर्माण विश्व भर में इंजीनियरिंग की अनूठी मिसाल भी बन जाएगी। टनल की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई महीने में रख सकते हैं।
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इससे पहले जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ही 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिनैनी नाशरी टनल राष्ट्र को समर्पित कर चुके है। 9.2 किलोमीटर लंबी चिनैनी नाशरी टनल वर्तमान में दक्षिण एशिया में सबसे लंबी हाइवे टनल हैं। जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे पर ही 8.45 किलोमीटर लंबी बनिहाल काजीगुंड टनल का निर्माण कार्य भी जोरों पर चल रहा है। यह टनल भी 2019 तक पूरी हो जाएगी।
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टनल के निर्माण के बाद जोजिला पास में वाहनों को गुजरने में करीब 3.5 घंटे का जो समय लगता है, वह केवल 15 मिनट में कवर हो जाएगा। सामरिक दृष्टि से चीन के साथ लगती सीमा पर सुरक्षा बलों को पहुंचने में आसानी भी होगी और 12 महीने सेना भी इस हाइवे का इस्तेमाल कर पाएगी।
जोजिला टनल सुरक्षा बलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगी। मौजूदा समय में लेह और कारगिल में चीन के साथ लगती सीमा चौकियों तक सर्दियों के मौसम में आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती रहती है। जोजिला टनल बनने के बाद 12 महीने वाहन श्रीनगर लेह, कारगिल पहुंच पाएंगे।