जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रहा विश्व का सबसे ऊंचा रेल पुल अगले साल बनकर तैयार हो जाएगा। दिसंबर, 2022 में यह पुल कश्मीर घाटी को पहली बार ट्रेन के जरिये शेष भारत से जोड़ेगा। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 266 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा को भी झेल सकता है। बीते एक साल में पुल के निर्माण कार्य में तेजी आई है।
विज्ञापन
2 of 5
रेलवे पुल
- फोटो : अमर उजाला
उधमपुर-कटड़ा (25 किमी) सेक्शन, बनिहाल-काजीगुंड (18 किमी) और काजीगुंड-बारामुला (118 किमी) सेक्शन पर पहले से ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। अब बस 111 किलोमीटर लंबे कटड़ा-बनिहाल सेक्शन पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
3 of 5
रेलवे पुल
- फोटो : अमर उजाला
इस सेक्शन में ट्रैक का ज्यादातर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरना है। यहां चूंकि लंबी टनल बन रही हैं, ऐसे में एस्केप टनल भी बनाई जा रही हैं। कुल 174 किलोमीटर लंबा टनल क्षेत्र है, जिसमें से 126 किलोमीटर बनकर तैयार है।
4 of 5
रेलवे पुल
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी से काम धीमा जरूर हुआ था लेकिन अब दोगुनी रफ्तार से निर्माण कार्य जारी है। दिसंबर, 2022 तक इसे पूरा किया जाना है। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो दिसंबर, 2022 से लोग कश्मीर तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे।
एफिल टावर से भी ऊंचा है पुल
पुल की ऊंचाई नदी स्तर से 359 मीटर है, जबकि फ्रांस के एफिल टावर की ऊंचाई 324 मीटर है। वहीं कुतुब मीनार की ऊंचाई 72 मीटर है। रेल ब्रिज का कुल फैलाव 467 मीटर है।