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PICS: स्कूल जाने का दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता

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सितंबर माह में तेज बारिश और बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत के साथ-साथ सड़कें और पुल भी बह गए थे। राज्य सरकार द्वारा जल्द सड़कों की मरम्मत पर पुलों के निर्माण की बात भी कही थी।(रवि वर्मा/तंजीम मलिक)


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PICS: स्कूल जाने का दुन‌िया का सबसे खतरनाक रास्ता

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लेकिन राजोरी के कल्लर क्षेत्र में एक फुटब्रिज को डेढ़ माह बाद भी नहीं बनाया गया है। जानकारी केअनुसार शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर जम्‍मू पुंछ नेशनल हाइवे स्थित कल्लर क्षेत्र में करीब 15 वर्ष पहले बनाया गया फुटब्रिज बाढ़ की भेंट चढ़ गया था।(रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)
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कल्लर के सरपंच सुशील शर्मा के अनुसार यह फुटब्रिज कल्लर गांव व राजोरी शहर को करीब 15 छोटे -छोटे गांवों जैसे अंदरोला, चकली, चटयार, पोठा, बारखू, करदूनी, बदानी आदि से जोड़ता है।(रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)

PICS: स्कूल जाने का दुन‌िया का सबसे खतरनाक रास्ता

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पुल बहने के बाद कुछ लोगों ने स्थानीय स्तर पर खुद ही नदी पर लोहे के रस्से लगा करकाम चलाना शुरू किया। करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी लोग रस्से पर लटक कर ही आर-पार जाते हैं। (रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)
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यहां तक कि स्कूल आने जाने वाले छोटे छोटे छात्र-छात्राएं भी रस्से के सहारे जान हथेली पर डाल कर नदी पार करते हैं।(रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)
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सरपंच के अनुसार रोजाना सैकडों विद्यार्थी इस रस्से के पुल सेलटक कर नदी पार कर स्कूलों में जाते हैं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को हो रही है। दूसरी ओर यदि रस्से से फिसल कर कोई छात्र नदी में गिर जाए तो वह बह कर सीमा पार भी जा सकता है। (रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)
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सरपंच के अनुसार मानवर तवी नामक यह नदी पाकिस्तान में जाती है। इतना ही नहीं दर्जनों गांवों के सैकडों लोग हर रोज इसी रस्सी के पुल से आते जाते हैं। कई लोग शहर में काम करते हैं तो शहर से भी कई शिक्षक इन गांवों के स्कूलों में आते जाते हैं।(रव‌ि वर्मा/तंजीम मल‌िक)



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