अगर किसी के हौसले बुलंद हो तो वह कुछ भी कर गुजरने की काबिलियत रखता है। इसकी मिलास है कश्मीर का आमिर हुसैन लोन। आमिर हुसैन (26)जम्मू और कश्मीर राज्य की पैरा-क्रिकेट टीम के कप्तान हैं।
विज्ञापन
2 of 6
बल्लेबाजी करता हुआ अमिर हुसैन लोन
- फोटो : सोशल मीडिया
एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो चुके आमिर के जोरदार छक्कों, शानदार कैच और तेज गेंदबाजी को देखकर आप दंग रह जाएंगे। आमिर हुसैन बिजबेहारा के करीब स्थित वाघामा गांव के निवासी हैं। 8 साल की उम्र में उनके हाथ क्रिकेट बैट बनाने वाली मशीन में फंसने के कारण काटने पड़े थे।
विज्ञापन
3 of 6
अमिर हुसैन लोन अपने माता पिता के साथ
- फोटो : सोशल मीडिया
आमिर हुसैन के माता पिता बशीर अहमद लोन और राजा बेगम खेतों में काम करते हैं। बशीर अहमद लोन ने अपने ओर बच्चों की परवाह किए बिना आमिर का इलाज जारी रखा, इसके लिए उन्हें अपनी सारी जमीन बेचनी पड़ी।
4 of 6
अमिर हुसैन लोन
- फोटो : सोशल मीडिया
दिल दहला देने वाले इस हादसे के बाद आमिर ने अपना हौंसला नहीं खोया। आमिर हुसैन ने वक्त के साथ जीवन जीने के लिए अपने आप को इस तरह से ढ़ाल लिया कि जिससे उन्हें किसी के सहारे की जरुरत ना पड़े।
विज्ञापन
5 of 6
बल्लेबाजी करता हुआ अमिर हुसैन लोन
- फोटो : सोशल मीडिया
वह पैरों की मदद से चीजों को उठाना सीख गए और कुछ समय बाद वह अपने होठों से पानी से भरी बाल्टी भी उठाने लगे। पैरों की मदद से वह स्नान भी कर लेते और बालों को संवार भी लेते। आमिर ने बताया कि अपने काम अपनी बदौलत करने की कला सीखने में मुझे कई साल लगे। इसी दौरान हुसैन ने पैरों से कलम पकड़ने की कला सीखी और पेंटिंग भी करने लगे।
बचपन से क्रिकेट के शौकीन आमिर ने क्रिकेटर बनने की हसरत नहीं मरने दी। आमिर हुसैन ने अपने गले और कंधे के बीच बल्ला पकड़ने की कला विकसित की। आमिर ने धीरे-धीरे अपने पैरों के अंगूठे से गेंद पकड़ने और उनकी मदद से लेग स्पिन कराने की कला सीखी। अमिर सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन हैं। तमाम मुश्किलों के बीच हुसैन ने अपनी रुकी हुई पढ़ाई फिर से शुरू की और 10वीं तथा 12वीं की पढ़ाई पूरी की।