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आखिर क्यों अटल जी ही सुलझा सकते थे कश्मीर विवाद?

Tue, 27 Dec 2016 05:01 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
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पूर्व सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ अटल जी - फोटो : File Photo
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कश्मीर की समस्या का समाधान करने के लिए आजकल तमाम सियासी पार्टियां कोई ना कोई फार्मूला सुझाती आई हैं लेकिन असल मामले में अगर गौर करें तो कश्मीर को समझने का जो नजरिया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी में था वो आज तक किसी अन्य राजनेता मेें नही दिखता।
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आखिर क्यो कश्मीर विवाद को सुलझाना अटल जी के लिए ही संभव कहा जाता है। कुछ महीनों पहले एक समारोह के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि अगर अटल कुछ और साल पीएम रह जाते तो शायद कश्मीर के मुद्दे का हल हो जाता। 

दरअसल अटल जी कश्मीर की समस्या का हल एक मध्यस्थ फार्मूले के आधार पर पूरा करना चाहते थे। कश्मीर का विवाद किस तरह से हल हो इसके लिए अटल जी ने तीन प्वाइंट की सोच को विकसित करने का एक फार्मूला भी बताया था। 
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अलगाववदियों से आडवाणी ने की थी बातचीत

अलगाववदियों से आडवाणी ने की थी बातचीत - फोटो : File Photo
अटल जी का मत था कि कश्मीर के विवाद को जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत के आधार पर सुलझा दिया जाए। खास बात ये भी थी कि अटल जी ने इस आशय के लिए अलगाववादी नेताओं से भी बातचीत की शुरूआत कराई थी। 

अलगाववदियों समेत कश्मीर के पक्षों से बात करने के लिए जिम्मा पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिया गया। आडवाणी ने कश्मीर के पक्ष पर अलगाववादियों से बात भी की। 

इसके अलावा अटल जी द्वारा कश्मीर को मुख्यधारा की दिशा में जोड़ने के लिए कई बड़े कदम भी उठाए गए थे। इनमें न सिर्फ लोगों से बातचीत का मुद्दा शामिल था बल्कि सीमा के रास्ते से पाक से शांति बहाली की कोशिशें भी शामिल थी। 
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पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के लिए उठे कई कदम

पाक से बातचीत की भी थी कवायद - फोटो : फाइल फोटो
अटल जी चाहते थे कि सरहदों पर शांति हो इस कारण उन्होंने क्रास एलओसी ट्रेड जैसे कई द्विपक्षीय कदमों की शुरूआत की। इसके साथ ही कश्मीर में लोगों के लिए कई बड़े कदम भी उठाए गए जिससे कि कश्मीर की आवाम का सरकार पर भरोसा कायम कराया जा सके।

इसमें पाकिस्तान को जाने वाली कारवां-ए-अमन बस सेवा की शुरूआत समेत कई बड़े कदम शामिल थे। अटल जी की स्वीकार्यता का पर्याय आज भी ये है कि जब भी कश्मीर के विवाद की बात आती है घाटी के तमाम सियासी दल अटल जी के फार्मूले को अपनाने की दुहाई और नसीहत देते मिल जाते हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से लेकर वर्तमान सीएम महबूबा तक सभी ने केंद्र से ये मांग दुहराई है कि कश्मीर के मुद्दे पर सरकार को अटल जी की सोच पर चलने की जरूरत है। 
 
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