पांपोर में शनिवार को आतंकियों ने एक बार फिर सेना के काफिले को निशाना बनाया है। आतंक के इस हमले में सेना के 3 जवान शहीद हो गए हैं। ये पहली बार नहीं जब जम्मू कश्मीर आतंक के निशाने पर रहा हो। अगर हम साल 2016 के बीते समय पर गौर करें तो ये पाएंगे कि जम्मू कश्मीर इस पूरे साल ही आतंकियों के निशाने पर रहा है।
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pampore encounter
- फोटो : PTI
आतंक से अछूते कई इलाकों को आतंकियों ने टारगेट किया। आतंकियों ने मौजूदा साल में क्रूरता की सभी हदें पार कर दीं और घुसपैठ करके भारतीय सेना के जवानों के शवों को भी क्षत-विक्षत किया गया।
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पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी
- फोटो : File Photo
आतंकवाद के खिलाफ मुखर होने के बाद भी सीमा पार से प्रायोजित आतंकी जम्मू कश्मीर में बड़े हमले करने में कामयाब रहे। हमलों में उड़ी का सैन्य कैंप, सीआरपीएफ की बस, नगरोटा हमला, मच्छेल सेक्टर में बैट हमला मुख्य रूप से शामिल हैं।
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मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले जवान
- फोटो : PTI
25 जून को आतंकियों ने पंपोर में हाईवे पर सीआरपीएफ की बस पर हमला कर दिया। इसमें सीआरपीएफ के आठ प्रशिक्षु जवान शहीद हो गए। कई साल बाद 11 सितंबर को पुंछ में आतंकियों ने हमला किया। इसमें एक पुलिस जवान शहीद हो गया। चार आतंकी मार गिराए गए। उड़ी में भी 18 सितंबर को आतंकियों ने सैन्य कैंप पर हमला बोल दिया। टेंट में सोए जवानों को जिंदा जला दिया गया।
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encounter
- फोटो : Amar Ujala
इसमें जम्मू सहित देश के अन्य हिस्सों से संबंधित 18 जवान शहीद हो गए। हालांकि चार आतंकी भी मार गिराए गए। आतंकियों की क्रूरता यहीं पर नहीं थमी। 28 अक्तूबर को आतंकियों ने मच्छेल सेक्टर में हमला किया। इसमें एक जवान शहीद हो गया। आतंकियों ने जवान के शरीर को भी क्षत-विक्षत कर दिया
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encounter
- फोटो : PTI
वहीं 22 नवंबर को आतंकियों ने दोबारा मच्छेल सेक्टर में हमला किया। पाकिस्तान की (बार्डर एक्शन टीम) बैट टीम ने तीन जवानों को मार दिया। इसमें एक जवान के शव को क्षत-विक्षत कर दिया।
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NAGROTA
- फोटो : File Photo
अब ताजा हमला 29 नवंबर को नगरोटा स्थित सैन्य यूनिट पर हुआ। यह हमला शहर के लिए बड़ा हमला साबित हुआ। इसमें दो मेजर रैंक के अधिकारियों सहित सात सैन्य जवान शहीद हो गए। हालांकि सेना ने तीन आतंकी मार गिराए।
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army encounter
- फोटो : PTI
आतंकियों ने इसी दिन सांबा में बीएसएफ की चौकी पर भी हमला किया। सुरंग बनाकर पहुंचे आतंकी जम्मू दिल्ली रेलवे ट्रैक को उड़ाने के मकसद से आए थे। सुरक्षा बलों ने पहले ही उन्हें मार गिराया। कुल मिलाकर वर्ष 2016 का साल सुरक्षाबलों के लिए दर्दनाक रहा। इसमें कई जवान शहीद हो गए।
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- फोटो : Munish Sharma
पुंछ में पिछले कई दशकों के बाद पहली बार शहर पर आतंकी हमला हुआ। इसके अलावा नगरोटा स्थित 16 कोर के हेडक्वार्टर में भी पहली बार आतंकी हमला हुआ। कुद में भी आतंकी हमला हुआ।
इन इलाकों में पहली बार आतंकी हमले से लोगों में दहशत का माहौल अब भी कायम है। अब भी आतंकी हमले जारी हैं। साल के खत्म होने में अभी काफी दिन बचे हैं। अब कोई और बड़ा हमला न हो। यह सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती है।