महबूबा मुफ्ती की रिहाई के बाद घाटी में एक बार फिर अलगाववादी नेताओं की राजनीति तेज हो गई है। गुपकार समझौते को लेकर शनिवार को फिर से श्रीनगर स्थित महबूबा मुफ्ती के आवास पर तमाम राजनीतिक दलों के नेता इकट्ठा हुए। इस दौरान पिपुल्स एलायंस गुपकार समझौता (पीएजीडी) समिति द्वारा कई तरह के निर्णय लिए गए।
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बैठक में हिस्सा लेते तमाम दलों के नेता
- फोटो : ANI
बैठक के बाद नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीएजीडी समिति को देश-विरोधी साबित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा झूठा प्रचार किया जा रहा है। मैं यह बता देना चाहता हूं कि यह सच नहीं है। इसमें कोई संदेह नहीं कि हम भाजपा विरोधी हैं, लेकिन देश विरोधी नहीं।
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बैठक में हिस्सा लेते तमाम दलों के नेता
- फोटो : अमर उजाला
अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करके देश के संघीय ढांचे को तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने देश के संविधान को नष्ट करने की कोशिश की है, उन्होंने देश को विभाजित करने की कोशिश की है।
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बैठक में हिस्सा लेते तमाम दलों के नेता
- फोटो : ANI
अब्दुल्ला ने कहा कि मैं उनसे कह देना चाहता हूं कि हमारी पीएजीडी समिति कोई देश विरोधी जमात नहीं है। हमारा उद्देश्य यही है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों को उनके अधिकार वापस मिलें। यह हमारी लड़ाई है, हमारी लड़ाई इससे ज्यादा के लिए नहीं है।
बैठक में हिस्सा लेते तमाम दलों के नेता
- फोटो : ANI
अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा पीएजीडी के खिलाफ जम्मू और देश के अन्य हिस्सों में प्रचार कर रही है। भाजपा हमें (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को) धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास कर रही है। उनकी यह कोशिस कभी सफल नहीं होगी। यह कोई धार्मिक लड़ाई नहीं है। यह हमारी पहचान की लड़ाई है और उपनी पहचान के लिए हम सब साथ खड़े हैं।