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जम्मू-कश्मीरः वक्त और हालात...इन तीन घरों में लगता था सियासी मजमा, आज है सन्नाटे की कब्जेदारी

Thu, 22 Aug 2019 10:10 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला, फाइल
जम्मू-कश्मीर की सियासत में अब्दुल्ला और मुफ्ती परिवार का खास दबदबा है। लेकिन अनुच्छेद 370 हटाने व पुनर्गठन बिल को मंजूरी के बाद से बहुत कुछ बदल चुका है। यहां की प्रसिद्ध गुपकार रोड पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। सियासी हलचलों से मसरूफ रहने वाली गुपकार रोड पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वीआईपी हलचल से खचाखच भरी रहने वाली इस रोड पर खामोशी सी छाई हुई है। ना ही लाल बत्तियों और सायरन वाली वीआईपी कारों की मूवमेंट और ना ही नौकरशाहों और आम लोगों की आवाजाही हो रही है।
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उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो)
बता दें गुपकार रोड पर राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती का घर है। फारूक और उमर के घर एक दूसरे के पास है लेकिन महबूबा मुफ्ती का घर करीब डेढ़ किलोमीटर आगे है। इसे फेयरव्यू के नाम से जाना जाता है।

 
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महबूबा मुफ्ती
इन तीनों के घर पर हमेशा मिलने वालों का तांता लगा रहता था लेकिन 5 अगस्त के बाद से इनके घरों के आसपास पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। इतना ही नहीं इस वीआईपी रोड के दोनों और कंटीली तारें लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। किसी को भी आवाजाही की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन वीआईपी के घरों के बाहर तैनात रहने वाले  सुरक्षा कर्मियों को भी ज्यादा हलचल दिखाई नहीं दे रही है।

 

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फारूक अब्दुल्ला का आवास जहां बीते दिनों हुई थी सर्वदलीय बैठक - फोटो : अमर उजाला
गुपकार की ओर जाने वाले रास्ते पर लगी बैरिकेडिंग के पास तैनात एक पुलिस के अधिकारी ने बताया कि महबूबा मुफ्ती को चश्माशाही व उमर अब्दुल्ला को हरी निवास में रखा गया है। साथ ही कई राजनीतिक नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। इसके चलते यहां आने जाने वालों का सिलसिला पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। कोई मिलने भी नहीं आता, जो अंदर है वो अंदर ही और जो बाहर है, वो भी नहीं आते।

 
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गुपकार रोड - फोटो : फाइल, अमर उजाला
गौरतलब है कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला अपने घर पर नजरबंद हैं। उनसे मिलने कोई नहीं आ रहा है। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि 11 दिन पहले डॉ. फारूक अब्दुल्ला घर की बालकनी से मीडिया से बात करते दिखे थे। लेकिन ईद पर भी यहां कोई नहीं आया और तबसे लेकर यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।




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