पाकिस्तान की ओर से सुबह नौ बजकर पैंतीस मिनट पर सीजफायर उल्लंघन किए जाने के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण दहशत में आ गए। देखते ही देखते बोबिया और पाटी गांव में दुकानों के शटर गिरने लगे। लोग घरों की ओर जान बचाने के लिए दौड़े। परिवार के सदस्यों को भी सतर्क किया।
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सीमांत ग्रामीणों को किया विस्थापित
- फोटो : Amar Ujala
गोलाबारी के दौरान लोग घरों में ही दुबके रहे। इस बीच स्कूल गए बच्चों को सुरक्षित घर लाने के लिए भी अभिभावक दौड़ते नजर आए। गोलीबारी के बीच सीमा से तीन किलोमीटर तक के दायरे के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को एहतियातन बंद करवा दिया गया है।
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- फोटो : Amar Ujala
एहतियातन स्कूली बसों को भी सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान पुलिस ने नाके पर अभिभावकों को आकर ले जाने के लिए उन्हें फोन मिलाए।
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- फोटो : File Photo
गोलाबारी तेज होने पर बीएसएफ, पुलिस और सीआरपीएफ ने बख्तरबंद वाहनों के जरिये लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी।
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- फोटो : Amar Ujala
दोपहर के समय ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजने का काम शुरू हुआ। दोपहर चार बजे के करीब कई परिवारों ने कुंथल के संतोषी माता मंदिर में शरण ली।
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- फोटो : Amar Ujala
वहीं प्रशासन द्वारा एक बार फिर उन्हें हीरानगर हायर सेकेंडरी में शिफ्ट करवाने की प्रक्रिया शुरू कर की गई। ग्रामीण निजी और प्रशासन द्वारा भेजे गए वाहनों से राहत शिविरों में पहुंचे।