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वैष्णो देवी यात्रा आज से, तीर्थयात्रियों के लिए मास्क या फेस कवर अनिवार्य, सभी की होगी स्कैनिंग

Sun, 16 Aug 2020 03:52 AM IST
प्रशांत कुमार संजय शर्मा, जम्मू
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
वैष्णो देवी यात्रा आज से शुरू होगी। पुजारियों के संक्रमित मिलने के बाद अब इसकी एसओपी(स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) में बदलाव किया गया है। इसमें पहले सप्ताह प्रतिदिन दो हजार तीर्थयात्री शामिल होंगे। इन यात्रियों में जम्मू-कश्मीर के 1900 तथा अन्य 100 दूसरे राज्यों के लोग होंगे। बैटरी वाहन, यात्री रोपवे और हेलिकॉप्टर सेवा सुचारु रूप से चलेगी। कोरोना महामारी के कारण यात्रा 18 मार्च से बंद है।  
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीकरण ऑनलाइन करवाना होगा। दूसरे प्रदेशों और जम्मू-कश्मीर के रेड जोन जिलों के लोगों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट भी अपनी साथ रखनी होगी। इसकी जांच भवन को जाने के दौरान हेलीपैड, ड्योढ़ी गेट, बाणगंगा, कटरा में की जाएगी।
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
तीर्थयात्रियों के लिए मास्क, फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा और सभी की स्कैनिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा को आसान बनाने के लिए बैटरी वाहन, यात्री रोपवे और हेलिकॉप्टर सेवाओं को सामाजिक दूरी का पालन करके चलाया जाएगा। भीड़ से बचने के लिए अटका आरती और विशेष पूजा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्तों की सुविधा के लिए क्लाक रूम खोला जाएगा जबकि कंबल स्टोर बंद रहेंगे।

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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
घोड़ा और पालकी फिलहाल अनुमति नहीं
यात्रा के दौरान घोड़ा, पिट्ठू और पालकी को शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। 10 से कम और 60 वर्ष के अधिक उम्र के लोगों, गर्भवतियों, बीमारों को यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। सीईओ ने बताया कि तारकोट मार्ग पर मुफ्त लंगर और सांझी छत में प्रसाद केंद्र तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए खोले जाएंगे।
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
कटड़ा से भवन के लिए पारंपरिक मार्ग बाणगंगा, अर्द्ध कुंवारी और सांझी छत का उपयोग भवन की ओर जाने के लिए किया जाएगा। हिमकोटी-तारकोट मार्ग का उपयोग वापस आने के लिए होगा।
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