उरी हमले के दो साल बीत चुके हैं। इसके बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर काफी राजनीति भी हो चुकी है। लेकिन, इस हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों तक कम ही लोग पहुंचे हैं। अमर उजाला के प्रसार क्षेत्र में रहने वाले उरी शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने और उनके साथ बने रहने के समर्पण को प्रकट करने के लिए अमर उजाला सोमवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जय हिंद, जय हिंद की सेना!। उरी हमले में शहीद हुए थे पूर्वांचल के यह छह लाल।
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- फोटो : अमर उजाला
उरी आतंकी हमले के बाद शहीद छह जवानों के पार्थिव शरीर 19 सितम्बर 2016 की दोपहर सेना के विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट लाए गए थे। जिसके बाद एअरपोर्ट पर प्रशासन के अधिकारीयों और लोगों का हुजूम शहीदों को आखरी सलामी देने के लिए उमड़ पड़ा था।
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इस दौरान तत्कालीन मेजर जनरल एसके सिंह, 39 जीटीसी के तत्कालीन ब्रिगेडियर एसए रहमान की अगुवाई में सेना की ओर से शहीदों को रीथ लेइंग सेरेमनी में सलामी दी गई थी।
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गाजीपुर और जौनपुर निवासी दो जवानों के शरीर सेना उनके घर ले गई। अन्य तीन जवानों के शरीर बीएचयू मोर्चरी में रखवाए गए थे क्योंकि उनका घर बनारस से काफी दूर था हैं। तीन जवानों के पार्थिक शरीर 20 सितम्बर 2016 को उनके घर भेजे गए।
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18 सितम्बर 2016 की भोर में उड़ी स्थित सेना के कैंप पर आतंकी हमला हुआ था। हमले में सेना के 19 जवान शहीद हुए थे। वहीं सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को भी ढेर कर दिया था।
यूपी के पूर्वांचल इलाके से शहीद जवानों में बलिया निवासी लांसनायक आरके यादव, गाजीपुर निवासी हरेंद्र यादव, जौनपुर निवासी राजेश कुमार सिंह, संत कबीर नगर निवासी गणेश शंकर, भोजपुर निवासी हवलदार अशोक कुमार सिंह, कैमूर निवासी अशोक कुमार सिंह थे।