भारी बारिश से घाटी में हुई तबाही में सरकार के ढीले रवैये के खिलाफ सोमवार को विपक्ष ने विधानसभा और विधान परिषद से वाकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने अनुचित देरी की, अन्यथा मारे गए लोगों को बचाया जा सकता था।
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घाटी में हुई तबाही पर विधानसभा में हंगामा
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सोमवार को सुबह सदन आरंभ होते ही विपक्षी सदस्य वेल के पास पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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घाटी में हुई तबाही पर विधानसभा में हंगामा
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इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने कांग्रेस और नेकां सदस्यों को अपनी सीट पर बैठने और सरकार से सवाल करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी और शोर मचाते हुए सदन से वाकआउट किया।
नेशनल कांफ्रेंस ने सरकार पर आरोप लगाया कि बडगाम और डोडा में हुई घटना की जानकारी पहले ही सरकार को दे दी थी और आवश्यक बचाव कदम उठाने को कहा था। लेकिन सरकार लोगों की जान के प्रति संवेदनशील नहीं रही। यदि वे तत्काल कार्यवाही करते तो जानें बचाई जा सकती थीं।