फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर शास्त्री चाहते तो हिन्दुस्तान का हिस्सा होते लाहौर-सियालकोट, पर इस एक फैसले से नहीं हुआ ऐसा?

Tue, 21 Feb 2017 05:28 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
1 of 9
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
1965 की लड़ाई में भारतीय सेना के जवानों के हौसलों के आगे पाकिस्तान के सेना बौनी हो गयी थी। आलम ये था कि कश्मीर को हासिल करने का सपना देखने वाला पाकिस्तान खुद लाहौर और सियालकोट को खो देने की कगार पर आ गया था ।
विज्ञापन

2 of 9
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
सेना के अदम्य साहस के बल पर भारत लाहौर तक कब्जा करने की स्थिति में पहुंच चुका था । भारत की सेना अटारी के रास्ते वाघा सीमा को पार करते पाकिस्तान के 18 किमी अंदर लाहौर तक पहुंच गयी थी । 
विज्ञापन

3 of 9
story of 1965 war - फोटो : File Photo
जैसे ही 1965 की लड़ाई शुरू हुई शिमला के डिगसेई से सेना की पलटन 9 जैकलाई को तुरंत अमृतसर पहुंचने के निर्देश जारी कर दिये गये । निर्देश मिलते ही 9 जैकलाई के सैनिक पूरे बंदोबस्त के साथ रातों रात शिमला से अमृतसर के रास्ते वाघा सीमा पर पहुंच गये ।

4 of 9
story of 1965 war - फोटो : File Photo
वहां पहुंचने पर सैनिको को निर्देश मिला कि पूरे दमखम के साथ पाक सेना पर हमला बोलते हुए आगे बढ़ें । जैसे ही भारतीय सैनिकों को पाक पर हमले के निर्देश मिले तो जोश से लबरेज 9 जैकलाई पलटन के जवानों ने पाकिस्तान की ओर कूच कर दी ।
विज्ञापन

5 of 9
भारत पाक युद्ध 1965 - फोटो : File Photo
 वहीं दूसरी ओर से पाकिस्तान के सैनिक अपने टैंको के साथ भारत की ओर बढ़ रहे थे ।
विज्ञापन

6 of 9
story of 1965 war - फोटो : File Photo
इसी बीच 9 जैकलाई के जवानों को पता चला कि भारतीय सेना की एक टुकड़ी को पाकिस्तानी सैनिकों ने घेर लिया है, इस कारण एक बार कुछ देर के लिए भारतीय सैनिकों को मोर्चे से पीछे भी हटना पड़ा । 
विज्ञापन

7 of 9
story of 1965 war - फोटो : File Photo
भारत की ओर से इतने मजबूत पलटवार से पाक की सेना के मंसूबे कमजोर हो गये । सेना के हौसले से पाकिस्तान की सेना को 18 किमी तक पीछे ढ़केलने में कामयाबी मिली ।

8 of 9
story of 1965 war - फोटो : File Photo
इसी बीच पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत की मोर्टार कंपनी पर बम बरसाना शुरू कर दिया जिसमें भारत के 79 जवान शहीद हो गये ।इस हमले के बावजूद भी भारतीय सेना के हौसले नहीं टूट पाये । पर इसी बीच दो दिनों के लिये सीजफायर की घोषणा हो गयी ।
विज्ञापन

9 of 9
1965 war - फोटो : file photo
अगर ये सीजफायर न होता भारतीय सेना के जवान लाहौर और सियालकोट पर कब्जा करने की योजना में थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें