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सुरक्षाबलों के लिए खुला हाईवे, आम नागरिकों के लिए रहा बंद, महबूबा-फारूक ने की सरकार पर टिप्पणी

Sun, 07 Apr 2019 09:12 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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श्रीनगर हाईवे पर सेना का काफिला - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रविवार व बुधवार को आम नागरिकों के वाहनों पर लगाई गई रोक लागू हो गई। इस दौरान सिर्फ सुरक्षा बलों के काफिले को ही मूवमेंट की इजाजत मिली। इससे पहले रामबन में पस्स्यिां गिरने से फंसे लगभग 1500 वाहनों को वहां से जम्मू के लिए रवाना किया गया। जरूरतमंदों को अनुमति के बाद हाईवे पर वाहन ले जाने की अनुमति भी दी गई। सरकार के इस फैसले का नेशनल काफ्रेंस व पीडीपी ने विरोध किया है। पीडीपी ने हाईवे पर कई जगह प्रदर्शन भी किया। 

 
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श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ का काफिला - फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले और 30 मार्च को रामबन जिले के बनिहाल में राजमार्ग के पास सीआरपीएफ के एक काफिले पर कार धमाके के बाद यह निर्णय किय गया है। उधमपुर में सुबह दस बजे के बाद केवल सुरक्षाबलों के वाहन ही नजर आए। 17 घंटे राजमार्ग बंद रहने के कारण सुरक्षाबलों के वाहन देरी से निकाले गए। कानवाय के गुजरने के दौरान उधमपुर, चिनैनी, रामबन समेत हाईवे के सभी इलाकों में सभी तरह के वाहनों को रोके रखा गया। इस दौरान राजमार्ग पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। सुरक्षा बलों के वाहनों के लिए प्रशासन ने सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक का समय निर्धारित किया था। उधमपुर से दोपहर करीब एक बजे सुरक्षाबलों के वाहन घाटी की तरफ निकाले गए। शाम तक केवल सुरक्षाबलों के वाहन ही नजर आ रहे थे।

 
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श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ का काफिला - फोटो : अमर उजाला
जज की अनुमति से निकले 30 से अधिक वाहन
आपात स्थिति में राजमार्ग पर चलने की अनुमति के लिए उधमपुर के जखैनी इलाके में जज को नियुक्त किया गया था। लोग अपनी परेशानी लेकर जज के पास पहुंच रहे थे। उन्हें कागजात देखकर ही जाने की अनुमति दी जा रही थी। अगर कोई बीमार व्यक्ति को लेकर पहुंचा तो कागजात देखने के बाद जाने की अनुमति दी गई।

संपर्क मार्गों पर सेना व पुलिस तैनात
सेना, पुलिस और सीआरपीएफ  को राजमार्ग की ओर जाने वाले चौराहों पर तैनात किया गया था ताकि सामन्य यातायात सुरक्षा बलों के काफिले की आवाजाही में किसी भी तरह दखल ना दें।

 

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फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर में रैली को किया संबोधित - फोटो : ANI
फैसला तत्काल वापस लें: फारुक
नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने प्रतिबंध को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक गलत आदेश है। उन्हें सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करना चाहिए या वे रात के समय निकलें ताकि लोगों को इससे परेशानी ना हो। अब्दुल्ला ने कहा,यह तानाशाही जैसा है।
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : फाइल
प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट जाएंगे: महबूबा
जबकि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सरकार के फैसले को गलत बताते हुए प्रतिबंध के खिलाफ  विरोध मार्च निकाला। कहा, यह बेहद गलत है। वहां हमारी कोई व्यावसायिक सेना नहीं है। अगर भारत सरकार को लगता है कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर वे यहां के लोगों को दबा सकते हैं, तो वे गलत हैं। हम कल (सोमवार) इस प्रतिबंध के खिलाफ अदालत जाएंगे।
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सुरक्षाबलों का काफिला हाईवे से गुजरने के चलते रोका गया यातायात - फोटो : अमर उजाला

लगभाग 14 घंटे चले लंबे अभियान के बाद देर रविवार सुबह करीब तीन बजे राजमार्ग से मलबा हटा लिया गया था। इसके बाद सबसे पहले फंसे हुए वाहनों को जम्मू की ओर जाने की अनुमति दी गई। -सुरेश शर्मा, डीएसपी (ट्रैफिक हाईवे)

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