बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव का वीडियो वायरल होने के बाद देश में ये बहस शुरू हो गई है कि सरहद पर जवान जिन कठिन परीस्थितियों में देश की हिफाजत कर रहे हैं उनके बीच उन्हें क्या सुविधाएं दी जाती हैं? पर असल बात ये है कि भारत की सरहद की हिफाजत करने वाले जांबाज जवान इतनी कठिन परीस्थितियों में अपनी ड्यूटी करते हैं जिनमें किसी आम इंसान का रह पाना बेहद की मुश्किल है। हर वक्त दुश्मन से जान के खतरे के साथ ही मौसम का खतरा भी जवानों के लिए कई मुश्किल हालात पैदा करता है। इन सब के बावजूद सेना और सशस्त्र बलों के जवान लगातार बिना किसी फिक्र के देश की हिफाजत करते हैं। जाने किन हालातों में सरहद पर ड्यूटी करते हैं देश के जवान:
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सीमा पर तैनात जवान
- फोटो : File Photo
देश के जवान एलओसी और आईबी पर देश की सरहदों की हिफाजत करते हैं। ऐसे में जहां आईबी की सुरक्षा का जिम्मा बीएसएफ के पास है वहीं एलओसी की सुरक्षा में सेना और बीएसएफ दोनों काम करते हैं।
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Indian Army
- फोटो : Amar Ujala
कश्मीर से लगने वाली कुल 165 किमी की सीमा पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के क्षेत्र और नियंत्रण रेखा के इलाके हैं। इन सभी पर देश की रक्षा करने वाले जवान लगातार बेहद कठिन हालातों में देश की निगरानी करते हैं। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और पंजाब से भी भारत पाक से सटी सीमाओं के इलाकों में जवान देश की रक्षा करते हैं।
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Indian Army
- फोटो : PTI
देश की हिफाजत करने वाले ये जवानों पर न सिर्फ दुश्मन से जान का खतरा बना रहता है बल्कि मौसम के दुश्वार हालात और जंगली जानवरों का भी खतरा लगातार बना रहता है।
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सियाचिन में तैनात जवान
- फोटो : File Photo
इसके साथ ही भारत में दुनिया का सबसे खतरनाक और ऊंचा रणक्षेत्र सियाचिन है जहां देश की रक्षा करने वाले फौजी लगातार देश की निगरानी के लिए बेहद कठिन हालातों में काम कर रहे हैं।
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siachin
- फोटो : File Photo
सियाचिन के फौजियों को मौसम के -50 डिग्री तापमान में भी भारी हथियारों के साथ ड्यूटी करनी पड़ती है। मौसम की बेहद कठिन परीस्थितियों में भी सैनिक पूरी प्रतिबद्धता से काम करते हैं।
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siachin
- फोटो : File Photo
सियाचिन के रणक्षेत्र में हिमस्खलन से कई बार जवानों की जान तक चली जाती है। ऐसे में जहां लगातार दुश्मन सैनिकों पर खतरे के तरह बना होता है वहीं मौसम भी उनकी जान के लिए बड़े खतरे सा होता है।
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- फोटो : File Photo
सियाचिन में फौजियों को सारी रसद हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जाती है। कैंपो को गर्म रखने के लिए विशेष प्रकार के ड्रम में आग जलाकर रखा जाता है। यहां तक की फौजियों को जिन 3 महीनों के लिए वहां तैनात किया जाता है उनमें उन्हें नहाने और दाढ़ी बनाने तक की अनुमति नहीं होती है।
सियाचिन के साथ ही नियंत्रण रेखा और सीमा पर हमेशा दुश्मन की फायरिंग और गोलाबारी का खतरा बना रहता है। कई बार पाकिस्तान की ओर से हुए सीजफायर उल्लंघनों का जवाब देने की कार्रवाई में फौजियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है लेकिन इस मुश्किल हालत में भी भारतीय जांबाजों ने देश की आबरू के लिए हमेशा पूरी प्रतिबद्धता से काम किया है।