कश्मीर में तीन महीने से अधिक समय तक बंद रही रेल सेवा को कल से पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। श्रीनगर-बारामुला ट्रैक पर रेल सेवा को शुरू करने के बाद अब सोमवार से श्रीनगर-बनिहाल ट्रैक पर रेल सेवा को बहाल करने की प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। एहतियातन सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
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कश्मीर ट्रेन सेवा
- फोटो : बासित जरगर
बीते सोमवार को श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन पर ट्रायल के बाद मंगलवार से सेवा शुरू कर दी गई थी। शनिवार को श्रीनगर-बनिहाल रेल लाइन पर रेलवे और सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रायल किया गया। रेलवे के चीफ एरिया मैनेजर विपिन पुरोहित के अनुसार रविवार को एक और ट्रायल रन होगा। इसके बाद सोमवार से दोनों श्रीनगर-बारामुला और श्रीनगर-बनिहाल के बीच सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक दो जोड़ी ट्रेन चलेंगी। इतने लंबे समय तक रेल सेवा बंद रहने के बाद रेल प्रबंधन ने इसे फिर से बहाल करने का फैसला इसलिए लिया है, ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।
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कश्मीर ट्रेन सेवा
- फोटो : बासित जरगर
हाईवे बंद होने पर बड़ा सहारा
रेल प्रबंधन के इस फैसले का दक्षिणी कश्मीर के लोगों ने स्वागत किया है। लोगों के अनुसार रेल सेवा शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। जीआरपी के एसएसपी शौकत हुसैन ने कहा कि यहां पिछले करीब तीन महीने से रेल सेवा स्थगित थी। इससे लोगों को दिक्कतें हो रही थीं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने की स्थिति में यह बड़ा सहारा होता है। इसलिए इसे चलाना बहुत जरूरी था। ट्रायल के दौरान वह खुद ट्रेन में बैठकर बनिहाल तक गए। सब कुछ ठीक है। कश्मीर में भी स्थिति सामान्य हो गई है।
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कश्मीर ट्रेन सेवा
- फोटो : बासित जरगर
तीन महीने में तीन करोड़ का हुआ नुकसान
अनुच्छेद 370 हटने के बाद एजेंसियों को लगा था कि रेल को पटरी पर दौड़ाना सुरक्षित नहीं है। इसलिए उन्होंने रेल प्रबंधन को घाटी में पांच अगस्त से जम्मू संभाग के बनिहाल से उत्तरी कश्मीर के बारामुला तक रेल सेवा को बंद रखने के निर्देश दिए थे। बंद के चलते (तीन महीने के दौरान) करीब तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। ऐसा दूसरी बार हुआ है कि रेल सेवा को इतने लंबे समय के लिए बंद रखा गया हो। इससे पहले वर्ष 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद बने हालात के चलते इस सेवा को करीब पांच महीने तक बंद रखा गया था। उस दौरान भी करीब पांच करोड़ का नुकसान हुआ था। वर्ष 2017 और 2018 में 44 और 30 दिनों तक रेल सेवा एहतियातन बंद रही थी, तब करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ था।
हम हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार
जहां तक सुरक्षा का सवाल है, तो जीआरपी और पुलिस समन्वय से काम कर रही है। हर जगह चाहे वह ट्रैक की सुरक्षा हो या रेलवे स्टेशन की, जीआरपी और पुलिस के जवान तैनात हैं। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हम हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। अब कानून व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। कश्मीर में स्थिति सामान्य हो गई है। ट्रेन सेवा लोगों के लिए है। इसके सुचारु संचालन में लोगों को सहयोग करना चाहिए।-शौकत हुसैन, एसएसपी जीआरपी