पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सरहद पर स्थित रणजीत सागर बांध की झील में बवंडर (टॉरनेडो) बनने से हड़कंप मच गया। मौसम की करवट से पहले काले बादल घिरे और फिर झील के बीचों बीच पानी में गड्ढा हो गया। इसमें पानी तेजी से घूम रहा था।
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- फोटो : Amar Ujala
पानी की सतह से लेकर बादलों तक साफ दिखाई दिए बवंडर से कठुआ जिले की बसोहली तहसील के लोग सहम गए। बुधवार सुबह साढ़े सात बजे बवंडर की सूचना डर के साथ कौतुहल का विषय भी बनी रही।
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- फोटो : File Photo
लोगों में इस बात का डर था कि झील में बना बवंडर कहीं बसोहली कसबे का रुख न करे। करीब आधे घंटे के बाद मौसम बदलने के साथ ही बवंडर अपने आप गायब हो गया। इससे लोगों की जान में जान आई। पानी की सतह से बादलों तक पाइप नुमा आकृति को इलाके में पहले कभी नहीं देखा गया। बवंडर गायब होने के बाद भी दिन भर इसी पर चर्चा होती रही।
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- फोटो : File Photo
इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट के डायरेक्टर (जम्मू-कश्मीर) सोनम लोट्स के अनुसार जम्मू-कश्मीर सहित भारतीय उपमहाद्वीप में तबाही वाले टॉरनेडो नहीं बनते। यहां का मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां टॉरनेडो के अनुकूल नहीं है। लेकिन, सतह से लेकर बादलों तक यदि टॉरनेडो की आकृति साफ दिखाई दे तो यह नई घटना है जो अब तक जम्मू-कश्मीर में कभी रिपोर्ट नहीं हुई।
लदाख रीजन में मार्च-अप्रैल में ही छोटे पैमाने के बवंडर बनते हैं। बवंडर का पैमाना बढ़ने से भारी तबाही भी हो सकती है। हालांकि, यह टॉरनेडो का ही रूप है लेकिन यह पानी में रहे तो वाटर स्पाउट और जमीन पर आए जाए तो टॉरनेडो कहलाता है। अमेरिका और मेक्सिको में टॉरनेडो विनाशकारी होते हैं।