त्रिकुटा पर्वत और ऊंचे पहाड़ों पर भारी हिमपात के कारण खिली धूप निकलने के बाद भी भवन और धर्मनगरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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- फोटो : Amar Ujala
हालात ये हैं कि सुबह और शाम के समय पारा शून्य से नीचे भी चला जाता है। ठंडी हवा चलने के कारण परेशानी और बढ़ी हुई है। इसके कारण यात्रा में गिरावट देखने को मिल रही है।
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इस बीच कटड़ा-सांझी छत के बीच चलने वाली हेलीकाप्टर की उड़ाने लगातार जारी रही।यात्रा पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम तक आठ हजार के करीब भक्तों का पंजीकरण हो चुका था, जबकि कक्ष के बंद होने को अभी समय शेष था।
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इससे पहले वीरवार को 13 हजार के करीब भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों को नमन किया था। भवन से मिली जानकारी के अनुसार बर्फबारी के बाद सुबह-शाम न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे तक पहुंच जाता है।
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इससे दर्शन को आए यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। सूर्यदेव के निकलने के बाद भी ठंड का प्रकोप जारी है। वहीं ऊंचे पहाड़ों और त्रिकुटा पर्वत पर भारी हिमपात होने से ठंड में भारी इजाफा हुआ है, पर भारी ठंड और त्योहार के कारण यात्रियों के आंकड़े में काफी गिरावट हुई है।