उत्तराखंड के चमोली में जल प्रलय के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौजूद ग्लेशियरों के प्रति संवेदनशील होने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों प्रदेशों के हिमालय क्षेत्र में 5500 छोटे बड़े ग्लेशियर सक्रिय हैं। इनके पिघलने की दर उत्तराखंड व सटे इलाकों की तुलना में काफी कम है, लेकिन जानकार ग्लेशियरों के नजदीक वाले क्षेत्रों में बेतरतीब और खासकर कंक्रीट निर्माण से परहेज पर जोर दे रहे हैं। जम्मू विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर आरके गंजू कहते हैं कि हिमालय रेंज के उत्तर पूर्व हिस्से में करीब 13000 छोटे बड़े ग्लेशियर सक्रिय हैं, जिसमें कश्मीर और लद्दाख में करीब 5500 ग्लेशियर हैं।