नियंत्रण रेखा से सटी जमीनों पर लगाईं गईं माइन हटाकर जमीन वापस किसानों को सौंपने का अभियान जारी है। आपरेशन अमन के तहत सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट की ओर से गांव मोहरा कांपला के किसान की जमीन से माइन हटा कर उसे सौंप दी गई।
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- फोटो : Amar Ujala
इसमें लोगों को माइन से सावधान रहने की जानकारी भी दी गई। नौशेरा ब्रिगेड के कमांडर मिलन माथुर इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित थे। 12 कनाल भूमि पर सेना ने 63 दिन का समय लेते हुए 83 माइन हटाईं।
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उल्लेखनीय है कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान से हुई चार लड़ाइयों का दंश इस इलाके ने झेला है। इसलिए सेना ने इलाके को सुरक्षित रखने के लिए कई क्षेत्रों में माइन लगाईं थीं। अब धीरे-धीरे इन माइन को हटाकर भूमि लोगों को सौंपी जा रही है। गांव के मीर मोहम्मद को सेना के अधिकारियों ने राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में उसकी जमीन सौंपी। इंजीनियरिंग रेजीमेंट के कमांडर एचएस बिलिंग ने बताया कि माइन चिह्नित करने के बाद सेना ने दो जगहों पर माइन हटाने का अभियान चलाया।
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- फोटो : Amar Ujala
आधुनिक उपकरणों की मदद से एक-एक इंच जमीन को चेक करने के बाद माइन निकालीं। सरिया और मोहरा कांपला गांव में जमीन से माइन हटाकर किसानों को जमीन सौंपी गई। मीर मोहम्मद को जमीन सौंपने से पहले मौलवी की ओर से नमाज अता की गई। इसके बाद सैन्य और स्थानीय लोगों ने हवा में गुब्बारे एवं कबूतर छोड़ कर जमीन मोहम्मद को सौंपी। कार्यक्रम पर सेना के ड्रोन कैमरे ने भी पूरी नजर रखी।
बेशक सेना की ओर से कुछ हिस्सा माइन रहित करके लोगों को सौंपा गया हो, लेकिन अब भी कई इलाका ऐसा है, जहां पर माइन लगाई गईं हैं। जहां पर सेना की कोई हदबंदी नहीं और लोग सहमे हुए इन इलाकों से गुजरते हैं।