उड़ी हमले में आतंकियों के हमला करने के तरीके ने सकते में डाल दिया है। जिस तरह से आतंकियों ने ग्रेनेड हमला करने के साथ फास्फोरस का इस्तेमाल किया, इससे जांच एजेंसियों को एक नई रिसर्च का विषय मिला है।
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उड़ी
- फोटो : Getty Images
सेना हो या बीएसएफ या फिर अन्य सुरक्षा एजेंसियां, टेंटों का इस्तेमाल अस्थायी तौर पर किया जाता है।
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uriउड़ी में हुए आतंकी हमले के दौरान सेना के जवान
- फोटो : PTI
उड़ी हमले में आतंकियों ने टेंटों में सो रहे जवानों को निशाना बनाया। उन्हें मालूम था कि टेंटों को जलाएं तो अधिक जवानों को मार सकते हैं। इसलिए आतंकियों ने फास्फोरस का इस्तेमाल किया, ताकि आग अधिक फैल जाए।
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- फोटो : PTI
सूत्रों का कहना है कि उड़ी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपने जवानों के लिए किए जाने वाले बंदोबस्त पर विचार करना शुरू कर दिया है।