दो जुलाई को शुरू हो रही पवित्र अमरनाथ यात्रा में देश भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को पुख्ता बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा और एलओसी पार से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशों को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार नाकाम बनाया जा रहा है। पर कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन खासतौर पर प्रतिबंधित संगठन हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से युवाओं को भर्ती करने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
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खुलासा: कश्मीर के 26 युवा हिजबुल में शामिल
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यहां उसके खिलाफ सन् 2000 में अवैध रूप से नियंत्रण रेखा पार कर पीओके भाग जाने का मामला दर्ज था। उसके साथ ही आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया। सूत्रों के अनुसार अब्दुल गनी सन 2000 में पीओके भाग गया था जहां उसने आतंकी संगठन लश्कर में शामिल हो कर हथियारों का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
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इसके बाद उसने करीब सात वर्ष पहले कोटली निवासी शेर दीन की पुत्री कोसर बी से शादी कर ली थी और उसके साथ वहीं रहने लगा था। जहां से करीब पांच दिन पूर्व वह नेपाल पहुंचा और वहां से वह आज अपने घर लौट रहा था कि पुलिस ने उसे परिवार सहित पकड़ लिया है। पुलिस का कहना है कि इसके जिले में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के बारे में पूछताछ जारी है।
कयूम सोपोर निवासी है और बीते छह वर्षों से हिजबुल के लिए सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को मिल इनपुट के मुताबिक इन प्रशिक्षु आतंकियों की मदद से हिजबुल अन्य आतंकी संगठनों की मदद से अमरनाथ यात्रा में खलल डालने की साजिश भी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद इन प्रशिक्षु आतंकियों को पूरी ट्रेनिंग के लिए पीओके के आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों में भी भेजा जा सकता है।