कश्मीर घाटी में आतंकवाद की कमर टूटने, अनुच्छेद 370 हटने, डीडीसी चुनाव, परिसीमन प्रक्रिया, बढ़ती सियासी हलचल और सजग होती अवाम से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। जोकि प्रदेश को एक बार फिर बारूद की गंध में झोंकने की साजिशें रच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई रच रही है। पाकिस्तान घुसपैठ के पुराने रूटों को सक्रिय कर रहा है। जम्मू एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया में ड्रोन हमला और इसके बाद जम्मू संभाग में बढ़ीं आतंकी गतिविधियां इसकी तस्दीक करती हैं। एक नजर डालते हैं उन रास्तों पर जो कभी आतंकियों के लिए घुसपैठ के रूट हुआ करते थे...
सांबा जिले में बसंतर और देविका नदी जिस जगह आपस में जुड़ती हैं, उससे बिल्कुल नजदीक अंतरराष्ट्रीय सीमा पड़ती है। इसी नदी क्षेत्र को आतंकी गतिविधियाें के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रूट से हाईवे और सीमा की दूरी छह किलोमीटर से भी कम है।