जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के खवास शिक्षा जोन के तहत पड़ने वाले बेई नंबल गांव स्थित सरकारी मिडिल स्कूल भवन की खस्ता हालत से छात्र और उनके अभिभावक काफी परेशान हैं। स्कूल बिना छत के चल रहा है। दीवारें भी ढह रही हैं। गुस्साए अभिभावकों ने चेतावनी दी कि अगर स्कूल की मरम्मत न की गई तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। नायब सरपंच अरशद हुसैन, मोहम्मद फारूक, अब्दुल रशीद व अन्य ने बताया कि 4 कमरों के सरकारी मिडिल स्कूल में 40 बच्चे पढ़ते हैं। यहां छह शिक्षक नियुक्त हैं।
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स्कूल की इमारत
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल के भवन को कई साल पहले बनाया गया था लेकिन मरम्मत के अभाव में यह जर्जर हालत में पहुंच गया। स्कूल की छत न होने से बारिश का पानी कक्षाओं में भर जाता है। बच्चों को छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
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स्कूल की इमारत
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि पहले ही कोरोना महामारी के दौरान एक साल स्कूल बंद रहे। अब स्कूल की खस्ता हालत से पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षा विभाग भी मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा। गांव के लोगों ने कहा कि अगर सरकार स्कूल की हालत नहीं सुधार सकती तो बंद कर दे। उन्होंने जल्द ही स्कूल की मरम्मत करवाने की मांग की।
वहीं इस संबंध में राजोरी के एक शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि नया भवन बनाने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा है और जैसे ही फंड्स उपलब्ध होगा, निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।