श्रीनगर में नवाकदल मुठभेड़ में दो आतंकियों जुनैद सहराई और तारिक अहमद शेख के मारे जाने के बाद अराजकतत्वों ने पत्थरबाजी की। इस दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों और सैन्य वाहनों पर पथराव किया। इतना ही नहीं अराजकतत्वों ने आगजनी भी की। हालांकि इन सबके पीछे जुनैद के साथ मौजूद तारिक का वो आखिरी फोन कॉल है जो उसने मरने से पहले एक शख्स को किया था और कुछ बातें कहकर गिड़गिड़ाया था। जानिए उसने मरने से पहले उस आखिरी फोन पर क्या बातें की थीं और देखिए तस्वीरें.....
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Stone pelting in downtown after terrorist Junaid Bihar killed
- फोटो : बासित जरगर
जुनैद के साथ तारिक था जिसने किसी शाहिद नाम के शख्स को फोन कर ये बातें की थीं....
'अस्सलाम अलैकुम....शाहिद साहब, तारिक हूं मैं... हम फंस गए हैं नवाकदल में, पुरानी लोकेशन में....वहां से नफर (बंदों) को भेजो जो पथराव करेंगे। पीछे वाली सड़क से वहीं से बंदों को भेजो वह पथराव करेंगे और हमें बाहर निकालेंगे। मेरे साथ जुनैद साहब हैं। जुनैद साहब सेहराई साहब हैं, अगर और कोई होता तो अलग बात थी, बाकी सब सही था.... जल्दी करो जल्दी यह आखरी घड़ी है।'
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इसी ठिकाने में छिपा था जुनैद और उसका साथी आतंकी
- फोटो : बासित जरगर
आतंकी जुनैद और उसका साथी आतंकी इसी ठिकाने में छिपा था। वह अंदर से सेना पर फायरिंग कर रहा था। साथ ही आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए अंदर से कई ग्रेनेड भी फेंके।
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इसी ठिकाने में छिपा था जुनैद और उसका साथी आतंकी
- फोटो : बासित जरगर
बता दें कि 29 वर्षीय जुनैद सहराई सैयद अली शाह गिलानी के बाद तहरीक ए हुर्रियत के चेयरमैन बने मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा था।
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डाउनटाउन में पत्थरबाजी और आगजनी
- फोटो : बासित जरगर
साल 2018 के मार्च महीने में जुमे की नमाज के बाद जुनैद लापता हो गया था। इसके बाद वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ गया था।
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डाउनटाउन में पत्थरबाजी और आगजनी
- फोटो : बासित जरगर
जुनैद कश्मीर यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी कर मार्च 2018 में हिजबुल में शामिल हो गया था। यह काफी दिनों से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। सोमवार रात सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली कि जुनैद श्रीनगर के नवाकदल में इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया। रात में आतंकियों से सुरक्षाबलों का सामना हुआ था। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की।
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डाउनटाउन में पत्थरबाजी
- फोटो : बासित जरगर
इसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला। थोड़ी देर बाद फायरिंग रुक गई। सुबह फिर से फायरिंग शुरू हुई। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में जुनैद सहराई समेत दो आतंकी मारे गए। रियाज नायकू के बाद ताहिर मोहम्मद भट और अब आतंकी जुनैद का मारा जाना हिजबुल को बड़ा झटका है। इसी के साथ हिजबुल अब सफाए की कगार पर है।
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डाउनटाउन में पत्थरबाजी
- फोटो : बासित जरगर
वहीं सुरक्षाबलों की ओर से इस ऑपरेशन को बहुत सावधानी से अंजाम दिया। क्योंकि जहां मुठभेड़ हुई वह घनी आबादी वाला आवासीय क्षेत्र था।
मुठभेड़ स्थल के इर्द-गिर्द वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं मुठभेड़ को लेकर कोई अफवाह न फैल इसके मद्देनजर प्रशासन ने श्रीनगर में मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी थी। करीब दो साल बाद श्रीनगर में यह मुठभेड़ हुई है।