घाटी में मुठभेड़ के दौरान नागरिकों की मौत के खिलाफ अलगाववादियों के प्रदर्शन के आह्वान पर शुक्रवार शाम हिंसा भड़क उठी। जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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- फोटो : BASIT ZARGAR
हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद रखा गया। हिंसा की आशंका में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा स्कूल-कालेज बंद रहे। श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में पाबंदियां रहीं। सार्वजनिक वाहन भी सड़क से नदारद रहे। रेल सेवा भी ठप रही।
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श्रीनगर के जामिया मस्जिद में नमाज अता नहीं होने दी गई। सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। हुर्रियत (जी) प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक तथा जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक के ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप ने प्रदर्शन का आह्वान किया था।
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इसे देखते हुए श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों रैनावारी, नौहट्टा, खान्यार, एमआर गंज, सफाकदल, मायसूमा तथा क्रालखुड में पाबंदियां रहीं। पुलिस के अनुसार एहतियातन पाबंदियां लगाई गई थीं, ताकि किसी प्रकार की हिंसा न भड़कने पाए। प्रमुख स्थानों तथा संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
दिनभर शांति रही, लेकिन शाम को जब सुरक्षा बल ड्यूटी समाप्त कर लौटने लगे तो युवाओं ने सुरक्षा बलों पर जमकर पत्थर बरसाए। भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। इससे काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही।