पुलवामा में मारे गए आतंकियों के पास से अमेरिका की बनी बंदूक एम-4 कार्बाइन बरामद हुई है। आपकों बताते है इस राइफल से जुड़ी कुछ बातें।
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बरामद राइफल पर अंग्रेजी में यूएसए साफ लिखा पढ़ा जा सकता है। आपको बता दें कि इस आधुनिक राइफल का प्रयोग अमेरिकी सेना के साथ-साथ पाक की स्पेशल फोर्सेज करती है।
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घाटी में कुछ दिनों पहले इस राइफल की फोटों बड़ी तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई थी।
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आपको जान कर हैरानी होगी कि आतंकियों के पास से जो राइफल (एम-4 कार्बाइन) बरामद हुई है इस प्रकार के हथियार का प्रयोग अमेरिका की नाटो सेना अफगानिस्तान में करती थी।
एम-4 की खासियतें
- एक मिनट में 700-950 गोलियां चलती हैं
- इसकी मारक क्षमता आधा किलोमीटर तक है
- काफी हलकी है, जिसका वजन मात्र 3 किलो है
- 1962 में बनी यह कारबाइन राइफल एम-16 का एडवांस वर्जन है। यह 1990 में बनी थी।
इस राइफल की सबसे खास बात यह होती है कि इसको हाथ में लेकर मूव करना काफी आसान होता है। आधुनिक तकनीकि से बनी इस राइफल में खूबी है कि यह सेमी ऑटोमेटिक है जिससे 3 राउंड फायर किए जा सकते हैं।