एलओसी पर उड़ी और नौगाम सेक्टर में घुसपैठ के खिलाफ बुधवार को दूसरे दिन भी अभियान जारी रहा। सेना ने सर्च आपरेशन और कांबिंग को तेज किया है। दोनों ही सेक्टरों के पर्वतीय इलाकों में सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन, अब तक सेना उस स्थान तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो सकी है जहां आतंकियों के शव पड़े होने की संभावना है।
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सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के शव एलओसी के बिल्कुल करीब हैं, जहां जवानों के सीमा पार से फायरिंग हद में आने की संभावना है। जवान सतर्क हैं ताकि किसी प्रकार की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जा सके। मौसम खराब होने की वजह से भी शव बरामद करने में दिक्कतें आ रहीं हैं।
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सूत्रों का कहना है कि एलओसी से 300 मीटर की दूरी पर आतंकियों के शव होने का अंदेशा है। सावधानीपूर्वक शवों को बरामद करने की कोशिश की जा रही है लेकिन शव एलओसी के इतने करीब हैं कि उन्हें बरामद कर पाना काफी मुश्किल है।
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उड़ी तथा नौगाम सेक्टर से सटे घने जंगलों में सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है ताकि कोई आतंकी छिपा न रह सके। इसके साथ ही काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत करने के उद्देश्य से रात को सेना की ओर से फायरिंग की जा रही है ताकि आतंकी घुसपैठ में कामयाब न हो सकें। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार दोनों ही स्थानों पर मंगलवार को घुसपैठ की कोशिशें हुईं थीं जिन्हें सेना ने नाकाम किया था।
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गौरतलब है कि सीजफायर की आड़ में पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए कवर फायर किया था।
उधर, नौगाम सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में डोगरा रेजीमेंट के हवलदार मदन लाल शहीद हो गए थे। वे गुरदासपुर (पंजाब) जिले की पठानकोट तहसील के घरोटा गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी भावना देवी छह साल की पुत्री श्वेता और दो साल का बेटा कनव शर्मा है।