रियाज नायकू का बेगपोरा में एनकाउंटर
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दरअसल, 35 वर्षीय नायकू की तलाश बीते आठ साल से थी। हंदवाड़ा हमले के बाद सेना उसके पीछे बीते तीन दिन से लगी थी। सेना को पुलवामा में नायकू के गांव बेगपोरा में कुछ साथियों के साथ उसके एक सुरंग में छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। नायकू अपनी बीमार मां और परिवार वालों से मिलने गांव आया था।