भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम समझौते के बाद सीमावर्ती इलाकों में लोगों की जिंदगी में धीरे-धीरे बदलाव आने लगा है। शांति बहाल होने के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों की जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। जो इलाके पाकिस्तानी गोलाबारी और बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई से दहल उठते थे, वहां 24 फरवरी के बाद शांति है। सीमावर्ती लोग यही प्रार्थना कर रहे हैं कि गोलाबारी की आवाज फिर कभी सुनाई न दे। बदले माहौल में किसान तारबंदी के नजदीक तक खेतों में आ जा रहे हैं। पहले उन्हें तय समय में ही इन खेतों में जाना होता था। वहीं, शाम ढलने तक हर हाल में घर लौटना पड़ता था।