प्रदेश में लगातर मटन की खपत बढ़ रही है। लोग हर साल 600 लाख किलो मटन खा जाते हैं। मांग में बढ़ोतरी के बावजूद इसकी उपलब्धता नहीं बढ़ पा रही। यही कारण है कि आधे से ज्यादा मटन बाहरी राज्यों से प्रदेश में पहुंचता है। पशु एवं भेड़ पालन विभाग की ओर से कुछ योजनाएं उपलब्धता बढ़ाने के लिए शुरू की गई हैैं।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में हर साल 600 लाख किलो मटन की खपत होती है। इसमें से अकेले कश्मीर संभाग में 400 लाख किलो के करीब खपत है, जबकि 600 लाख किलो में स्थानीय उपलब्धता 300 लाख किलो है। बाकी का मटन बाहर से आता है। यहीं कारण है कि कश्मीर में मटन 600 रुपये प्रति किलो और जम्मू में 550 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। जानकारी के अनुसार पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में 130 लाख किलो मटन की खपत बढ़ी है, लेकिन उपलब्धता पहले भी 300 लाख किलो होती थी, जो आज 350 लाख किलो के आसपास है। बाकी की सप्लाई बाहरी राज्यों से आती है।