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राष्ट्रपति द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले जांबाज हुए सम्मानित, जानें कैसे लिया था बदला?

Thu, 26 Jan 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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para force - फोटो : file photo
गणतंत्र दिवस के मौके पर जिन पैरा कमांडोज को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया उन्होंने एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया था जो कि आने वाले कई दशकों तक भारतीय सेना की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई के तौर पर जाना जाएगी। सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले इन जांबाजों ने पीओके के लांचिग पैड्स पर मौजूद आतंकियों को नेस्तनाबूत करके अपनी हिम्मत से आतंक को करारा जवाब दिया था। जानें पीओके में उस रात कैसे हुई थी इस दशक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई: 
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PARA FORCE - फोटो : File Photo
पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल आपरेशन के लिए कमाडो को मात्र दो घंटे का समय दिया गया था। 
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Indian Airforce - फोटो : File Photo
इस आपरेशन में 125 कमांडो डोगरा और बिहार रेजिमेंट के थे। आसमान पर करीब 35 हजार फुट की ऊंचाई से भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर इस आपरेशन की निगरानी कर थे।

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PARA FORCE - फोटो : File Photo
 दोनों रेजिमेंट से तैयार विशेष संयुक्त पैरा कमांडो ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशिक्षु आतंकी किस समय सोेते हैं और कब खाना खाते हैं, इसकी जानकारी भी ली गई थी। 
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PARA FORCE - फोटो : File Photo
स्ट्राइक में आतंकी कैंप में दो दर्जन से अधिक आतंकी मारे गए। सीमा पार तारबंदी तोड़कर घुसे इन पैरा कमांडो में 125 जवान मौजूद थे। 
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PARA FORCE - फोटो : File Photo
28 सितंबर रात दो बजकर दस मिनट पर पुंछ से एलओसी पार कर कमांडो पाक अधिकृत कश्मीर के भिंबर, कैल क्षेत्र स्थित कैंप में पहुंचे। हमले से पहले कैंप की पूरी जानकारी हासिल कर ली गई थी।
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indian army
केवल 35 कमांडो ही कैंप के अंदर गए और बाकी कैंप के बाहर थे जो आपरेशन को कवर कर रहे थे, ताकि बाहरी हमले से बचा जा सके। 

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Indian Army - फोटो : Amar Ujala
पाक सेना को ध्यान बंटाने के लिए पुंछ व उड़ी सेक्टर पर एलओसी पर फायरिंग भी की गई।फायरिंग से ध्यान बंटाने के दौैरान ही सीमा पार कर कर ली गई। आतंकी कैंप एलओसी से 12-15 किलोमीटर दूर थे।

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- फोटो : demo
इस बीच, आसमान पर हेलीकाप्टर भी आपरेशन की पूरी निगरानी कर रहे थे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में कमांडो को सुरक्षित वापस लाया जा सके। स्वतंत्रता दिवस के बाद ही कमांडो को विशेष ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी गई थी। एक गाइड भी उनके साथ था, जो एक साल से आतंकी ट्रेनिंग कैंप में मौजूद था। 

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भारतीय सेना में वैकेंसी - फोटो : DEMO Pics
 पांच टीमों ने अलग-अलग तरीके से आतंकी कैंपों पर हमला किया। उनके फोन भी बंद कर दिए गए थे। वह घर से भी एक महीने से दूर थे और घर में भी बात करने की इजाजत नहीं थी। पूरा आपरेशन उत्तरी कमान के नेतृत्व में हुआ।कमांडो का चयन पंजाब, जम्मू, हिमाचल प्रदेश से हुआ और विशेष टीम का गठन किया गया। 
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भारतीय सेना में वैकेंसी - फोटो : DEMO Pics
सुबह साढ़े चार बजे सभी कमांडो पैदल मार्ग से ही सफल होकर वापस आए। इस आपरेशन में शामिल कमांडोे के अनुसार उन्हें पूरे आपरेशन के लिए केवल दो घंटे का समय दिया गया था।
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