पुंछ जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गांव शाहपुर के रहने वाले 65 वर्षीय बदरदीन पुत्र अब्दुल्ला अपने जीवन की अंतिम जुम्मे की नमाज भी अता नहीं कर पाया। पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के बीच बदरदीन घर से कुछ मीटर दूरी पर स्थित मस्जिद में नमाज अता करने पहुंचा था। लेकिन मस्जिद के अंदर उसने पांव रखा ही था कि हमला हो गया, इस हमले की चपेट में आने से वह मस्जिद के बरामदे में गिरा, जहां उसने अंतिम सांस ली।