नियंत्रण रेखा पर हर रोज होने वाले सीजफायर उल्लंघन ने सरहदी इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से चौकियों को टारगेट करके फायरिंग की जाती थी। अब चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों पर भी गोले बरसाए जा रहे हैं। इसका असर इन क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई, उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ऊपर से लोगों के लिए बनने वाले बंकर भी अभी पूरी से नहीं बन पाए हैं।