पहलगाम हमले में जख्मी पुणे की आसावरी जगदाले ने कहा, आतंकियों ने उनके पिता संतोष जगदाले को तंबू से बाहर निकाला और कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब उनके पिता ऐसा नहीं कर पाए, तो उनके सिर और पोट में तीन गोलियां दाग दीं। उनके चाचा को भी गोलियों से छलनी कर दिया।
पहलगाम के आतंकी हमले में जख्मी हुई 26 वर्षीया आसावरी जगदाले ने पत्रकारों को बताया कि कैसे आतंकियों ने उनके 54 वर्षीय पिता संतोष जगदाले (पुणे के व्यवसायी) को जबरन तंबू से बाहर निकाला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन के लिए गाली दी और इस्लामिक वाक्य (कलमा) पढ़ने को कहा।
जब उनके पिता ऐसा नहीं कर पाए, तो उनके सिर, कान के पीछे और पीठ में तीन गोलियां दाग दीं। उनके चाचा को भी 4-5 गोलियों से छलनी कर दिया गया। आसावरी ने बताया कि मंगलवार दोपहर 3:30 बजे जब उनका परिवार पहलगाम के नजदीक बैसरान घाटी (मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले स्थान) में पिकनिक मना रहा था, तभी स्थानीय पुलिस की वर्दी पहने आतंकियों ने पहाड़ी से उतरकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
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pahalgam terror attack
- फोटो : ANI/PTI
परिवार ने पास के तंबू में शरण ली, लेकिन आतंकियों ने उनके पिता को चौधरी तू बाहर आ जा कहकर बुलाया और फिर तुमने मोदी का साथ दिया है कहते हुए उन पर गोलियां बरसा दीं। आसावरी, उनकी मां और एक अन्य महिला रिश्तेदार को स्थानीय लोगों और बाद में पहुंचे सुरक्षाबलों ने पहलगाम क्लब पहुंचाया। हमले के पांच घंटे बाद तक भी उन्हें अपने पिता और चाचा की स्थिति की कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी।
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कर्नाटक के मंजुनाथ की फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
मंजुनाथ के आखिरी शब्द..बहुत अच्छा था
आतंकी हमले के दौरान का जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें कर्नाटक के मंजुनाथ की पत्नी के चेहरे पर चारों तरफ खून के छीटें पड़े हैं। डरी-सहमी सी पत्नी बदहवास सी हैं। पति के मारे जाने के बाद वह कुछ समझ ही नहीं पा रहीं। वहीं, एक वीडियो में दोनों पति-पत्नी हाउस बोट में घूमते हुए कश्मीर में घूमने के अनुभव को साझा कर रहे हैं। मंजुनाथ के आखिरी शब्द थे...बहुत अच्छा था सबकुछ।
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pahalgam terror attack
- फोटो : संवाद
यह घटना कश्मीर घाटी में 2019 के पुलवामा हमले के बाद का सबसे भीषण आतंकी हमला है, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश पर्यटक शामिल हैं। प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों को आशंका है कि आतंकी जम्मू के किश्तवाड़ से घुसकर दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग होते हुए बैसरान पहुंचे थे।
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- फोटो : संवाद
पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की नृशंस हत्या
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
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हमले की पीड़ित महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले में करीब 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि सरकार ने अभी सिर्फ 16 मौतों की पुष्टि की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।
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हमले के बाद सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
पीएम मोदी सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए हैं। पीएम मोदी ने वारदात की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह सऊदी अरब से हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक की और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की स्थिति पर चर्चा की।
एनआईए करेगी जांच
यह अब तक नागरिकों के ऊपर सबसे बड़ा हमला है। टीआरएफ वही आतंकी गुट है जो डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र में सक्रिय था। इसमें स्थानीय मददगारों के भी शामिल होने का शक है। हमले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) करेगी।