Terrorist Attack in Pahalgam: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा से पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय शामिल हैं। हमले में 17 लोग घायल हुए हैं।
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pahalgam terror attack
- फोटो : ANI/PTI
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारों से लैस आतंकी मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घास के मैदान में घुस आए। घने देवदार के जंगलों और पहाड़ों से घिरा यह विस्तृत घास का मैदान है और देश और दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के बीच पसंदीदा है। इसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास घूम रहे, टट्टू की सवारी कर रहे या पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी।
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- फोटो : ANI/PTI
'लोगों से उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर मार डाला'
वहीं कुछ पर्यटकों का कहना है कि आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे फिर उनको अलग कर गोलियां बरसाने लगे। घटनास्थल के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इनमें चार लोग जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिनमें एक बच्चा भी है, जबकि कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति खून से लथपथ है। वीडियो में दो महिलाएं मदद की गुहार लगाती नजर आ रही हैं। एक स्थानीय उन्हें दिलासा दे रहा है।
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- फोटो : संवाद
हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर घायलों को वहां से निकालना शुरू किया। ऊंचाई वाला इलाका होने के कारण घायलों को घोड़े वालों की मदद से सड़क तक लाया गया, जहां से उन्हें नौ एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया पहलगाम के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां से कुछ को राजकीय मेडिकल कॉलेज अनंतनाग भी ले जाया गया। दो घायलों को एयरलिफ्ट भी किया गया।
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- फोटो : संवाद
माहौल तनावपूर्ण...सेना और सुरक्षाबलों ने की घेराबंदी
पहलगाम में आतंकी हमले से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। आतंकियों की तलाश की जा रही है।
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- फोटो : संवाद
अमरनाथ यात्री निवास से महज 15 किमी दूर वारदात
आतंकियों ने ये वारदात अमरनाथ यात्री निवास नुनवान बेस कैंप से महज 15 किमी. दूर इस वारदात को अंजाम दिया है। यह यात्रा के पारंपरिक मार्ग का हिस्सा है। 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। माना जा रहा है कि इससे पहले ही पर्यटकों और तीर्थयात्रियों में दहशत फैलाने के लिए यह वारदात अंजाम दी है। अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हुआ है और अब तक 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं।
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- फोटो : ANI/PTI
पीड़िता बोली-लोगों के कपड़े उतरवाकर धार्मिक पहचान की
हमले में बाल-बाल बची एक महिला ने बताया कि आतंकियों ने उसके पति से नाम पूछा और जब पता चला कि वह मुस्लिम नहीं है तो उसके सिर में गोली मार दी। आतंकियों ने कुछ लोगों के कपड़े उतरवाकर उनकी धार्मिक पहचान की। एक अन्य महिला ने बताया, गोलियां चलते ही लोग बचने के लिए भागने लगे, लेकिन कहीं छिपने की जगह ही नहीं थी।
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श्रीनगर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
शाह ने कहा कड़ी कार्रवाई होगी
गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकी हमले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया और कहा कि वह श्रीनगर जा रहे हैं, जहां वह सभी एजेंसियों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। शाह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना के बारे में जानकारी दी है, जो वर्तमान में सऊदी अरब में हैं और आतंकी हमले के बाद संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। उन्होंने कहा, पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवार के सदस्यों के साथ हैं। इस नृशंस आतंकी हमले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और हम दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देंगे।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
घृणित हमले के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा: एलजी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा, मैं पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि इस घृणित हमले के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। डीजीपी और सुरक्षा अधिकारियों से बात की है। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीमें इलाके में पहुंच गई हैं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को पहलगाम में भर्ती लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है। एक घायल पर्यटक को जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
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सीएम उमर अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
हमले के अपराधी-जानवर, अमानवीय और घृणा के पात्र : उमर
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी वारदात पर गुस्सा जताते हुए अपने पोस्ट में लिखा- मैं अविश्वसनीय रूप से स्तब्ध हूं। हमारे आगंतुकों पर यह हमला एक घृणित कार्य है। इस हमले के अपराधी जानवर, अमानवीय और घृणा के पात्र हैं। निंदा के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं है। मैंने अपनी सहयोगी और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू से बात की है और वह घायलों के लिए व्यवस्थाओं की देखरेख करने के लिए अस्पताल चली गई हैं।कहने की जरूरत नहीं है कि यह हमला हाल के वर्षों में नागरिकों पर किए गए किसी भी हमले से कहीं बड़ा है।
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हमले के बाद सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की नृशंस हत्या
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले में करीब 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि सरकार ने अभी सिर्फ 16 मौतों की पुष्टि की है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।