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आतंकियों पर सुरक्षाबलों का पलटवार: पूरी तैयारी से आतंकी... कुलगाम में बना रखा था बंकर, अनाज-सिलेंडर भी था साथ

Fri, 25 Apr 2025 05:11 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर

सार

आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। घने जंगलों की आड़ में छिपे आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली।
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आतंकियों के द्वारा बनाया गया बंकर और कुलगाम में मुठभेड़ के बाद बरामद सामान - फोटो : अमर उजाला
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों नेआतंकियों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। नतीजतन 24 घंटे में तीन बार सुरक्षाबलों और आतंकियों का आमना-सामना हो चुका है। बुधवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जहां आतंकियों ने छिपने के लिए बंकर तक बना रखा था। साथ ही अनाज, गैस और बर्तन आदि भी थे। इससे लगता है कि आतंकी पूरी तैयारी के साथ आए थे। 
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कुलगाम में आतंकियों से बरामद सामान - फोटो : अमर उजाला
24 घंटे में तीन बार आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़
बुधवार को बारामुला के उड़ी नाला इलाके में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इसके बाद दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। आज उधमपुर के डुडू बसंतगढ़ में बृहस्पतिवार सुबह आतंकियों की घेराबंदी सख्त कर दी। करीब पौन घंटे दोनों ओर से हुई भीषण गोलीबारी में पश्चिम बंगाल निवासी हवलदार झंटू अली शेख बलिदान हो गए। जंगल में छिपे आतंकियों की तलाश जारी है। वहीं, चार संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए उठाया गया है।
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कुलगाम में आतंकियों ने बनाई थी गुच्ची मशरूम की बिरयानी - फोटो : अमर उजाला
व्हाइट नाइट कोर ने एक पोस्ट में बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर वीरवार को बसंतगढ़ इलाके में पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया। जवानों को अपने नजदीक आते देख आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। भीषण गोलीबारी में 6 पैरा स्पेशल फोर्स के हवलदार झंटू अली शेख गंभीर रूप से घायल हो गए। व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में बताया कि उपचार और कड़े प्रयासों के बावजूद घायल हवलदार को बचाया नहीं जा सका।

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जमीन के नीचे बनाया गया बंकर और बरामद सिलेंडर - फोटो : अमर उजाला
आतंकियों की तलाश में ड्रोन और हेलिकॉप्टर की ली जा रही मदद 
आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन और हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। घने जंगलों की आड़ में छिपे आतंकियों को ढूंढ़ने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीआईजी उधमपुर-रियासी रेंज सारा रिज़वी और एसएसपी अमोद अशोक नागपुरे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुठभेड़ स्थल पर डटे रहे।
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pahalgam terror attack - फोटो : संवाद
वीरता को सलाम
मुठभेड़ में बलिदान हवलदार झंटू अली शेख 6 पैरा रेजिमेंट (विशेष बल) से थे, जिसे पैरा एसएफ के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की विशेष बटालियनों को विद्रोह-विरोधी, आतंकवाद-रोधी, प्रत्यक्ष कार्रवाई, बंधक बचाव, विशेष टोही और गैर परंपरागत युद्ध जैसे मिशनों में विशेषज्ञता हासिल है। इस रेजिमेंट के नाम वीरता की कई उपलब्धियां दर्ज हैं। यह भारतीय सेना की 15 पैरा (एसएफ) इकाइयों में सबसे पुरानी है। अपने जवान की शहादत पर सेना ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, हमें अपने जवान की वीरता पर गर्व है। इस दुख की घड़ी में सेना उनके परिवार के साथ खड़ी है।
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pahalgam terror attack - फोटो : संवाद
कठुआ के सुफैन में मुठभेड़ के बाद से भागे-भागे फिर रहे आतंकी
पिछले महीने कठुआ में हुए मुठभेड़ में फरार हुए आतंकी उधमपुर जिले के मजालता में एक घर में घुस गए थे, जहां उन्होंने परिवार को बंधक बनाकर खाना खाया और कुछ खाना पैक करवाकर फरार हो गए थे। इसके कुछ दिन बाद रामनगर तहसील के जोफड़ में आतंकियों को देखा गया था। इसी कारण कठुआ, बिलावर, मजालता, रामनगर और डुडू बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में सर्च ऑपरेशन पहले से जारी था। खासकर मंगलवार को पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद आतंकियों की तलाश और तेज कर दी गई थी। 
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pahalgam terror attack - फोटो : संवाद
बसंतगढ़ क्षेत्र में पिछले एक साल में हुई कई आतंकी घटनाएं
9 अप्रैल को उधमपुर जिले के रामनगर के जोफर-मार्टा क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। हालांकि, आतंकी भागने में सफल रहे।
11 सितंबर 2024 को बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में हुई मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) संगठन से जुड़े दो आतंकी मारे गए थे।
29 अप्रैल 2024 को बसंतगढ़ के पनारा गांव में अज्ञात बंदूकधारियों के साथ गोलीबारी में एक ग्राम रक्षा गार्ड सदस्य की मौत हो गई थी।
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pahalgam terror attack - फोटो : संवाद
प. बंगाल में बलिदानी हवलदार के गांव में गम और गुस्सा
हवलदार झंटू अली पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के पथरघाटा गांव के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर पर गांव में गम और आतंकवाद के खिलाफ गुस्से का माहौल है। झंटू के एक शोक संतप्त चचेरे भाई ने कहा, आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता। झंटू के बड़े भाई रफीकुर शेख में सेना में हैं और उनकी भी तैनाती जम्मू-कश्मीर में ही है। झंटू की पत्नी, बेटा और बेटी आगरा में रहते हैं।

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