पहलगाम आतंकी हमले में नया खुलासा हुआ है। आतंकियों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। हमलावरों की संख्या पांच से सात बताई जा रही है। हमले के बाद आतंकी पीर पंजाल के घने जंगलों की ओर भाग गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों का कनेक्शन पाकिस्तान से है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। स्थानीय दहशतगर्दों की मदद से पर्यटकों पर हमले को अंजाम दिया था। हमले के बाद आतंकी पीर पंजाल के घने जंगलों में गायब हो गए। आतंकियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन और हेलीकॉप्टर से लगे हैं। अभी तक आतंकियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट है। वहीं हमले में मारे गए लोगों के शवों को उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है। हमले का देशभर में विरोध हो रहा है।
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Pahalgam terror attack
- फोटो : पीटीआई
पांच से सात थे दहशतगर्द
जानकारी के अनुसार, पहलगाम के बायसरन में हुए हमले में पांच से सात आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण हासिल किया। इन्हें दो स्थानीय आतंकवादियों से भी मदद मिली। उपलब्ध सबूतों के आधार पर अधिकारियों ने बताया कि मृतक पर्यटकों में से एक की पत्नी की ओर से की गई पहचान के आधार पर बिजबेहरा निवासी आदिल थोकर उर्फ आदिल गुरी की भूमिका सामने आई है।
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हमले के बाद जानकारी देती पीड़ित
- फोटो : पीटीआई
2018 में पाकिस्तान गया था आदिल
अधिकारियों का मानना है कि आदिल थोकर 2018 में पाकिस्तान गया था। वहां उसने प्रतिबंधित लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन के साथ सशस्त्र प्रशिक्षण लिया और फिर हमलों को अंजाम देने के लिए भारत में घुसपैठ की।
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हमले के बाद सुरक्षाबल
- फोटो : पीटीआई
पीर पंजाल के घने जंगलों में गायब हो गए आतंकी
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों को कम से कम छह से सात तस्वीरें दिखाई गई। इनमें से एक में आदिल की पहचान उस आतंकवादी के रूप में हुई, जो गोली चला रहा था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद आतंकवादी पीर पंजाल के घने देवदार के जंगलों में गायब हो गए।
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हमले के बाद सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी बॉडी कैमरा लगाए थे
अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि आतंकवादी अपने बर्बर कृत्य को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी कैमरा लेकर आए थे। जांच से पता चला है कि मंगलवार को बायसरन मैदान में चार आतंकवादियों ने पर्यटकों को पंक्तिबद्ध कर नजदीक से गोलियां चलाई। वहीं कम से कम एक से तीन आतंकवादी निकटवर्ती सुरक्षाबलों पर नजर रखने के लिए रणनीतिक रूप से तैनात थे।
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हमले के बाद सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
दर्जनों लोगों से पूछताछ
अधिकारियों ने बताया कि दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई है। वहीं इस जघन्य अपराध के वास्तविक अपराधियों को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उनकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं।
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पहलगाम अटैक के संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी
- फोटो : एजेंसियों ने जारी किया
तीन हमलावर दरिंदों का स्केच जारी
पहलगाम में जिन तीन आतंकियों ने भयावह हमले को अंजाम दिया था, उनके स्केच सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को जारी किए। 26 पर्यटकों की जान लेने वाले ये तीनों दरिंदे पाकिस्तानी हैं और उनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं। इनके कोड नाम मूसा, यूनुस व आसिफ थे और वे पहले से पुंछ में आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं। जबकि अनंतनाग के बिजबेहरा का एक स्थानीय निवासी आदिल गुरी जो 2018 में पाकिस्तान गया था, और पुलवामा का निवासी अहसान की भी पहचान की गई है, ये 2018 में ही पाकिस्तान गया था।
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Pahalgam Terror Attack
- फोटो : PTI
सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी हमले के प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से ये स्केच तैयार कराए हैं। काले और सफेद रंग में तैयार पेंसिल स्केच से तीनों के युवा होने का आभास मिलता है। तीनों ने दाढ़ी भी रखी है। तीनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े हैं। इसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
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Pahalgam Terror Attack
- फोटो : पीटीआई
पर्यटकों पर आतंकी हमला, 26 की नृशंस हत्या
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
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Pahalgam Terror Attack
- फोटो : अमर उजाला
टीआरएफ ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले में करीब 14 लोग घायल हुए हैं। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। तीन जुलाई से शुरू होने जा रही श्रीअमरनाथ यात्रा से पहले इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उस हमले में सीआरपीएफ के 47 जवान मारे गए थे।
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Pahalgam Terror Attack
- फोटो : संवाद
जम्मू-कश्मीर सरकार देगी हर मृतक के परिवार को 10 लाख
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही राज्य सरकार गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये और मामूली रूप से घायल लोगों के लिए 1 लाख रुपये की अनुग्रह की अनुग्रह राशि देगी।
सैलानी सदमे में, स्थानीय लोग जीविका छिनने की आशंका से बेचैन
पहलगाम की घटना के खिलाफ जम्मू से श्रीनगर तक और अनंतनाग से पुलवामा, पांपोर, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ तक एक जैसा माहौल नजर आ रहा है। सैलानी सदमे में हैं तो स्थानीय लोग अपनी जीविका छिनने की आशंका में बेचैन नजर आ रहे हैं। लेकिन, सबकी चाह एक ही है कि इस बार हिसाब कुछ ऐसा होना चाहिए आगे पाकिस्तान व आतंकी कभी ऐसा दुस्साहस न कर पाएं।