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रोचक पहल: इंटरनेट नहीं तो कैसे हो पढ़ाई? तमाम चुनौतियों के बीच गुरुजी ने निकाला रास्ता

Fri, 07 May 2021 04:40 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर  - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू-कश्मीर के दूरदराज क्षेत्रों में जहां इंटरनेट और मोबाइल फोन की सुविधा नहीं है, वहां के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे क्षेत्रों के बच्चों को स्थानीय अध्यापक नोट्स मुहैया करवा रहे हैं। अध्यापकों द्वारा नोट्स बच्चों के घर तक पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो सके।
 
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जम्मू-कश्मीर  - फोटो : सोशल मीडिया
स्कूल शिक्षा विभाग ने रामबन में यह कवायद शुरू की है और जल्द डोडा में भी शुरू करने जा रहा है। इससे उन बच्चों को लाभ मिलेगा जो दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं। इस बार रेडियो क्लासेज शुरू होने की संभावनाएं कम हैं। इसके पीछे का कारण है रेडियो क्लासेज के प्रति बच्चों का कम रुझान।
 
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जम्मू-कश्मीर  - फोटो : सोशल मीडिया
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने एक अध्यन किया, जिसमें पाया कि बच्चे केवल ऑडियो के माध्यम से हो रही पढ़ाई के प्रति कम इच्छुक हैं। पिछले वर्ष रेडियो पर हुई क्लासेज के प्रति बच्चों का कम उत्साह उसी कारण था।

 

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जम्मू-कश्मीर  - फोटो : सोशल मीडिया
इसके बाद अब विभाग की ओर से रेडियो की बजाय हाथ से लिखे नोट्स बच्चों तक पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई को पटरी में लाया जा सके।

 
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जम्मू-कश्मीर  - फोटो : सोशल मीडिया
रामबन जिले में 14 हजार ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई का कोई माध्यम नहीं है, उन्हें नोट्स उपलब्ध करवाए गए। वहीं डोडा जिले भी आने वाले दिनों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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