सेना के घाटी में आतंकियों केे सफाये के लिए दो माह पूर्व शुरू किए गए ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ ने करीब आधी कामयाबी हासिल कर ली है। दरअसल, सेना ने दुर्दांत 258 देशी व विदेशी आतंकियों की सूची बनाकर उनके सफाये का प्लान तैयार किया था। तय रणनीति के तहत इसी बीच टेरर फंडिंग पर शिकंजा सेना के ऑपरेशन का मददगार बना। अब जहां हुर्रियत नेता आतंकी की मौत के बाद लोगों को भड़काने से बाज आ रहे हैं वही पत्थरबाजों की संख्या में भी कमी आई है। लश्कर के टॉप कमांडर अबु दुजाना को मार गिराने के बाद भी ऐसा ही देखा गया। अब सेना व सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन व रणनीति को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटेंगी।
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KASHMIR SEPARATISTS
- फोटो : File Photo
कश्मीर में आतंकवाद पर हुर्रियत नेताओं, पाकिस्तान व आतंकियों से कोई बातचीत न कर सख्ती दिखाने की केंद्र सरकार की रणनीति पर अब तेजी से अमल होता दिखने लगा है। सेना ने ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ की सूची में कश्मीर के 13 जिलों में सक्रिय लश्कर, जैश, हिजबुल व अल बद्र के 130 स्थानीय जबकि 128 विदेशी आतंकियों के नाम शामिल किए थे। इस पर कार्रवाई करते हुए सेना ने अभी तक करीब 120 आतंकियों को ढेर कर दिया है।
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kashmir
- फोटो : PTI
दरअसल, इन आतंकियों को घाटी में जनता के बीच से मिल रहे समर्थन से ऑपरेशन में थोड़ी अड़चन थी। इस ऑपरेशन से पहले 2016 में बुरहान को मार गिराने के बाद पैसा लेकर पत्थरबाजी करने वाले ग्रुप सक्रिय पाए गए। इसके बाद इंटरनेट, सोशल मीडिया व टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भाड़े की भीड़ जमा कराने के लिए किया जाता और आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान बचाने की कोशिश की जाती। अबु दुजाना इसी का फायदा उठाकर कई बार सुरक्षा बलों के हाथों बच निकला था।
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NIA
जून के शुरुआत में सेना ने ‘ऑपरेशन ऑल आउट’ शुरू किया तो इसके बाद एक रणनीति के तहत टेरर फंडिंग को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने हुर्रियत नेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इस टेरर फंडिंग पर चोट पहुंचाने की रणनीति के तहत कुछ दिनों पहले हुर्रियत नेताओं की गिरफ्तारी की गई। 11 गिरफ्तारियों के अलावा एनआईए ने करीब तीस से अधिक हुर्रियत नेताओं पर शिकंजा कसा हुआ है।
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कौन है अबु दुजाना
- फोटो : social media
आतंकियों, पत्थरबाजों व देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने वालों को आर्थिक मदद पहुंचने के रास्ते बंद होने से सेना ने उचित मौका पाकर अपना ऑपरेशन तेज कर दिया। इसी के चलते सेना को इस ऑपरेशन के तहत सबसे बड़ी कामयाबी पाकिस्तान मूल के लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अबु दुजाना को मार गिराकर मिली।
अबु दुजाना लश्कर के पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सैफुल्ला का खास गुुर्गा था। सैफुल्ला दुजाना के जरिये ही कश्मीर में आतंकी घटनाओं खासकर सुरक्षा बलों पर हमले की योजनाओं को अमलीजामा पहनवाता था। सुरक्षा एजेंसियों ने दुजाना व सैफुल्ला की एक बार सवा घंटे व दूसरी बार 45 मिनट की बातचीत को भी इंटरसेप्ट किया था। हाफिज सईद से भी अबु को निर्देश मिलने की सूचनाएं सुरक्षा एजेंसियों के पास थीं।