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हाल-ए-कश्मीरः मुहर्रम के दिन कुछ ऐसा है घाटी का माहौल, पढ़िए राज्यपाल ने क्या कहा, देखें तस्वीरें

Tue, 10 Sep 2019 11:30 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हजरत इमाम हुसैन समेत करबला के अन्य शहीदों की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। हुसैन और 72 शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि मानवीय सिद्धांतों, नैतिकता, सम्मान के अलावा सच्चाई और न्याय के रास्ते पर चलते हुए शहादतें दी गईं।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर में पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शांति, खुशहाली के लिए प्रार्थना भी की है। आपको बता दें कि घाटी में इस साल भी मुहर्रम के जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है। कश्मीर में 1990 में जबसे आतंकवाद का दौर शुरू हुआ है तबसे मुहर्रम के जुलूसों को निकालने की अनुमति नहीं है।

 
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुख्य सड़क की ओर जाने वाली गलियों में अर्धसैनिक और पुलिस के जवान तैनात हैं। लगभग 500 मीटर की दूरी पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं। जम्मू कश्मीर में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। श्रीनगर के कुछ हिस्सों को छोड़कर कश्मीर के अधिकांश इलाकों से प्रतिबंधों को हटा लिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधों में लगातार कमी की जा रही है। लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुहर्रम के जुलूस पर प्रतिबंध को जारी रखा गया है।

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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी के जिन इलाकों की स्थिति में सुधार हुआ वहां प्रतिबंध हटाए गए हैं। घाटी में सरकारी कार्यालय खुले हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण कई कार्यालयों में उपस्थिति संतोषजनक नहीं देखने को मिली।
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिला मुख्यालयों में सामान्य उपस्थिति दर्ज की गई। घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवाओं को बहाल कर दिया गया है लेकिन 5 अगस्त से मोबाइल टेलीफोनी और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। अधिकांश मुख्यधारा और अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया है। जबकि तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित मुख्यधारा के नेताओं को भी नजरबंद रखा गया है।
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