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PICS: NIT श्रीनगर में पुलिस ने बाहरी राज्यों के छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर कर पीटा

Wed, 06 Apr 2016 12:47 PM IST
टीम डिजिटल/जम्मू
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
एनआईटी श्रीनगर में मंगलवार को फिर जमकर बवाल हुआ। पुलिस ने बाहरी छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर बुरी तरह पीटा। पुलिस की पिटाई से सौ से ज्यादा छात्र जख्मी बताए जा रहे हैं। घायल छात्रों को एनआईटी मेडिकल यूनिट में रखा गया है। 
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
कुछ घायलों ने फोन पर बताया कि उन्हें कैंपस से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है और तरह-तरह से धामकाया जा रहा है। डरे-सहमे और पिटे छात्रों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर गृहमंत्री, मानव संसाधन मंत्री और प्रधानमंत्री तक से मदद की गुहार की है। 
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
मामले में डीजीपी ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर बुधवार से एनआईटी में सीआरपीएफ की दो कंपनी लगाने का निर्देश दिया है।

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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
गौरतलब है क‌ि भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सेमीफइनल मैच में भारत की हार के बाद हुए बवाल के बाद एनआईटी बंद कर दिया गया था। एक घायल छात्र ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान किसी ने सूचना दी कि गेट पर कुछ मीडिया वाले आए हैं। जब हम लोग पत्रकारों से मिलने पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें डंडों से पीटना शुरू कर दिया। 
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
इससे बाहरी राज्यों के 100 से ज्यादा छात्र जख्मी हो गए हैं। सभी घायल कालेज कैंपस में ही हैं। उन्हें बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि पुलिस ने हास्टल में घुसकर छात्रों को बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा।
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
एनआईटी में पिछले दो दिनों से छात्र इस मांग पर अड़े हैं कि एनएचआरडी की टीम खुद श्रीनगर आकर स्थिति का जायजा ले। धरने पर बैठे छात्रों में अधिकतर तीसरे सेमेस्टर के छात्र हैं, जिनका यह भी कहना है कि उन्हें यहां अपना भविष्य असुरक्षित लग रहा है। 
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई
इतना ही नहीं, कुछ छात्रों को यहां के फैकल्टी स्टाफ द्वारा यह कहकर भी धमकाया जा रहा है कि जो छात्र प्रदर्शनों में थे, उन्हें बैकलॉग रखा जाएगा। एक अन्य छात्र के अनुसार उनकी आवाज को कैंपस से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। न ही मीडिया को अंदर आने दिया जा रहा है। ऐसे में वह अपनी मांग कहां रखें। 
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nit srinager - फोटो : NIT छात्रों द्वारा भेजी गई फोटो
डीआईजी (सेंट्रल कश्मीर) ग़ुलाम हसन भट ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि सुरक्षा का कोई मसला नहीं है। मतभेद छात्रों और एनआईटी प्रबंधन के बीच है। उन्होंने कहा कि आज भी जब छात्र बाहर निकलने लगे तो उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया। 
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