फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जन्मदिन विशेष: प्रधानमंत्री मोदी का कश्मीर से जुड़ा यह यादगार किस्सा, इसे दुनिया भूल न पाएगी

Tue, 17 Sep 2019 09:35 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
विज्ञापन
1 of 5
साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी आज यानी कि 17 सितंबर को अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन कुछ खास अंदाज में मनाया जा रहा है। देशभर में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता व कार्यकर्ता प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन का जश्न सेवा दिवस के तौर पर मना रहे हैं। इस मौके पर हम आपको प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं जिसे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया कभी भूल नहीं पाएगी।

 
विज्ञापन

2 of 5
साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए - फोटो : अमर उजाला
बात 1992 की है, जब भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से एकता यात्रा शुरू करते हुए 26 जनवरी 1992 को उसे लालचौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। भाजपा के इस एलान के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई। कश्मीर में स्थिति विस्फोटक थी। आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय में ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे।
 
विज्ञापन

3 of 5
साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए - फोटो : अमर उजाला

श्रीनगर के लालचौक पर 29 साल पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी के साथ वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तिरंगा फहराया था।

 

4 of 5
साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए - फोटो : अमर उजाला

मोदी उस वक्त जोशी की उस टीम के सदस्य थे जो घनघोर आतंकवाद के उस दौर में श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने पहुंची थी। हालांकि इसके बाद बीते 28 सालों में लालचौक पर तिरंगा नहीं फहराया जा सका। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए - फोटो : अमर उजाला
हालात को भांपते हुए तत्कालीन प्रशासन ने मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को हवाई जहाज के जरिए श्रीनगर पहुंचाया था। लालचौक पूरी तरह से युद्धक्षेत्र बना हुआ था। चारों तरफ सिर्फ सुरक्षाकर्मी ही थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगभग 15 मिनट में ही मुरली मनोहर जोशी व उनकी टीम के सदस्य के रूप में शामिल नरेंद्र मोदी व अन्य ने तिरंगा फहराया। इस दौरान आतंकियों ने रॉकेट भी दागे जो निशाने पर नहीं लगे। इसके बाद सभी नेता सुरक्षित वापस लौट गए थे। भाजपा के इतिहास में यह एक बहुत बड़ी घटना के साथ ही यादगार पल था। यह पल मोदी के लिए बड़ा खास रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें