साल 1992 में मुरली मनोहर जोशी और नरेन्द्र मोदी श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराते हुए
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बात 1992 की है, जब भारतीय जनता पार्टी ने कन्याकुमारी से एकता यात्रा शुरू करते हुए 26 जनवरी 1992 को उसे लालचौक पर तिरंगा फहराते हुए संपन्न करने का एलान किया था। भाजपा के इस एलान के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई। कश्मीर में स्थिति विस्फोटक थी। आतंकी और अलगाववादियों ने खुलेआम एलान किया था कि तिरंगा नहीं फहराने दिया जाएगा। भाजपा की एकता यात्रा पूरी होने से पहले ही आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय में ग्रेनेड धमाका किया था, जिसमें तत्कालीन पुलिस महानिदेशक जेएन सक्सेना जख्मी हुए थे।