फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

विज्ञापन
1 of 6
नारानाग जम्मू-कश्मीर गांदरबल जिले में २,१२८ मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक पर्वतीय पर्यटक स्थल है। यह कंगन से ८ किमी की दूरी पर सिन्द नाले (सिन्धु नदी से भिन्न) नामक नदी की घाटी पर अधिक ऊंचाई पर स्थित है।
विज्ञापन

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

2 of 6
अपने मर्ग (घास के खुले मैदान), पर्वतों और झीलों के लिये जाने जाने वाले इस स्थान से १६,८४० फ़ुट ऊंचे हरमुख पर्वत और उसके चरणों में स्थित गंगाबल झील के लिये पगडंडी शुरु होती है। यह वंगथ झरने के बाएं किनारे पर बसा हुआ है, जो आगे चलकर सिन्द नाले में विलय होता है।
विज्ञापन

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

3 of 6
यहां से गडसर झील, विशनसर झील और किशनसर झील के लिये भी रास्ते निकलते हैं हलांकि नारानाग से वहां तक पहुंचने के लिये ५ से ७ दिन का पैदल सफर तय करना पड़ता है।

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

4 of 6
नारा नाग' वास्तव में 'नारायण नाग' का रूप है। कश्मीरी भाषा में 'नाग' का अर्थ पानी का चश्मा होता है। यहां का चश्मा हिन्दुओं द्वारा पवित्र माना जाता है।
विज्ञापन

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

5 of 6
नारानाग के मंदिर पर्यटकों के लिये एक मुख्य आकर्षण हैं और भारत के सबसे महत्वपूर्ण पुरातन-स्थलों में गिने जाते हैं। यहां लगभग २०० मीटर की दूरी पर एक-दूसरे की तरफ मुख किये हुए मंदिरों का एक समूह है। इतिहासकारों के अनुसार शिव को समर्पित इन मंदिरों को ८वीं सदी में कश्मीर-नरेश ललितादित्य ने बनवाया था। यह मंदिर वंगत नदी के दाएं किनारे पर भूतशेर पर्वत ('भूतेश्वर पर्वत' का परिवर्तित रूप) के चरणों में स्थित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

PIX: क्या जानते हैं आप, कश्मीर के शिव मंदिर का राज

6 of 6
यहां पहुंचने के लिये श्रीनगर से 45 कि॰मी॰ गान्दरबल से आगे नारानाग बस्ती तक का सड़क का सफ़र और फिर 15 कि॰मी॰ की पैदल चढ़ाई है जो घोड़े पर भी तय की जा सकती है। यहां आसपास के मर्ग (घास के मैदान) में चरवाहे अक्सर अपनी भेड़-बकरियां लेकर आते हैं। यहां पहुंचने का दूसरा रास्ता सोनमर्ग से विशनसर झील से होते हुए 4,100 मीटर ऊंचे निचनई दर्रे को पार करके आता है। बांडीपौरा की आरीन बस्ती से भी यहां पैदल-मार्ग आता है।

सभी फोटो - सोशल मीडिया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें