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पीडीपी में दरक रही सुप्रीमो की सियासी जमीन, महबूबा को पार्टी से दरकिनार करना चाहते हैं नेता ?

Sat, 11 Jan 2020 12:59 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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महाबूबा मुफ्ती
जम्मू-कश्मीर में बड़ी सियासी शख्सियत और पीडीपी के संस्थापक रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद की विरासत और उनकी पार्टी पर महबूबा मुफ्ती की पकड़ लगातार कमजोर पड़ती जा रही है। आठ नेताओं को पार्टी से निकाले जाने के एक दिन बाद तीन और नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। माना जा रहा है कि वर्तमान परिदृश्य में पीडीपी के हाशिये पर होने से कई नेता नया विकल्प तैयार करने में जुटे हैं।

 
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महाबूबा मुफ्ती
विदेशी राजनयिकों और उपराज्यपाल से मिलने पर पीडीपी से आठ नेताओं को निकाले जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को जिन तीन नेताओं ने पार्टी को अलविदा कहा, उनमें रफियाबाद के पूर्व विधायक यावर मीर, मुंतजिर मोहिउद्दीन और युवा विंग के पूर्व अध्यक्ष शौकत गयूर शामिल हैं।

 
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महाबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
इन नेताओं ने भविष्य की योजनाओं के बारे में फिलहाल खुलासा नहीं किया है। यावर मोहम्मद दिलावर मीर के बेटे हैं, जिन्हें गुरुवार को पार्टी से निकाल दिया गया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार वर्तमान परिदृश्य में बड़े पीडीपी नेता महबूबा को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाए जाने का कसूरवार बताकर उन्हें पार्टी में दरकिनार करना चाहते हैं।

 

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महाबूबा मुफ्ती
दरअसल, इन नेताओं को लग रहा है कि पार्टी सुप्रीमो को दरकिनार कर पार्टी को दोबारा जनता के बीच लाया जा सकता है और नए सिरे से राजनीति की जा सकती है। महबूबा की छवि देश के अन्य हिस्सों के अलावा जम्मू में भी केवल कश्मीर केंद्रित नेता की रही है। ऐसे में सियासी तौर पर आगे नुकसान हो सकता है।

 
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महाबूबा मुफ्ती - फोटो : Amar Ujala
मौजूदा समय में पीडीपी कई खेमों में बंट गई है और अंदरखाने घमासान की स्थिति है। कोई नेता पार्टी पर कब्जा करने तो कोई नए विकल्प की तलाश में जुटा हुआ है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और पीडीपी के लोकसभा सांसद रह चुके मुजफ्फर हुसैन बेग ने तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खुलेआम महबूबा मुफ्ती के भड़काऊ बयानों को जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनने का कारण बता चुके हैं।
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