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पीडीपी में मची कलह से चिंतित हैं महबूबा मुफ्ती, 'आश्वासन के दस दिन' में निकलेगा घमासान का हल?

Sat, 16 Jan 2021 05:11 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला
पीडीपी की जम्मू संभाग इकाई में अंतर कलह बढ़ गई है। शुक्रवार को महासचिव एवं पूर्व एमएलसी सुरेंद्र चौधरी द्वारा नए पदाधिकारियों के सम्मान के लिए बुलाई गई बैठक में पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को पत्र लिखने वाले नेता नदारद रहे। सूत्रों के अनुसार जम्मू संभागीय इकाई में चल रहे घमासान से पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती चिंतित हैं।
 
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
पार्टी कार्यालय में नव नियुक्त जिलाध्यक्ष ग्रामीण केके शर्मा, जिलाध्यक्ष जम्मू शहरी राजीव कुमार नीटू, युवा इकाई के उपाध्यक्ष रजत गुप्ता, सचिव सचिन भगत को प्रदेश महासचिव सुरेंद्र चौधरी ने सम्मानित किया। चौधरी ने नए पदाधिकारियों व पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं व नेताओं से अपील की कि वह समाज में आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्र्द को बढ़ाने का काम करें।

 
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : बासित जरगर
एक और संस्थापक सदस्य सुखविंदर सिंह ने दिया इस्तीफा
पीडीपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल सुखविंदर सिंह ने शुक्रवार को पीडीपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को लिखे पत्र में उन्होंने जम्मू संभाग इकाई में वरिष्ठ नेताओं से हो रहे बुरे व्यवहार को अपने इस्तीफे की वजह बताया है।

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महबूबा मुफ्ती - फोटो : PTI
सुखविंदर सिंह पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी संस्थापक सदस्य मुफ्ती मोहम्मद सईद के करीबी रहे हैं। 1990 में उन्होंने जनता दल से इस्तीफा दे दिया था और मुफ्ती सईद के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे। मुफ्ती सईद की तरफ से पीडीपी की स्थापना के साथ ही सुखविंदर सिंह भी पीडीपी में शामिल हो गए और अब तक पार्टी से जुड़े रहे।

 
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महबूबा मुफ्ती - फोटो : बासित जरगर
घटनाक्रम से महबूबा मुफ्ती चिंतित
पीडीपी सूत्रों के अनुसार जम्मू संभागीय इकाई में चल रहे घमासान से पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती चिंतित हैं। शुक्रवार को नाराज गुट पार्टी कार्यालय में जाकर महासचिव सुरेंद्र चौधरी के खिलाफ नारेबाजी करने वाला था, लेकिन महबूबा मुफ्ती को इसकी भनक लग गई और उन्होंने श्रीनगर से फोन कर नाराज नेताओं को ऐसा न करने के लिए कहा और दस दिनों के भीतर जम्मू संभागीय इकाई में चल रहे घमासान का हल करने का आश्वासन भी दिया।
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