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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी का पीएचडी स्कॉलर मन्नान वानी कैसे बना खूंखार आतंकी

Thu, 11 Oct 2018 04:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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mannan wani
जम्मू-कश्मीर में गुरुवार सुबह शुरू हुए एनकाउंटर में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकियों में से एक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर भी रह चुका है। सुरक्षाबलों ने हिजबुल के कमांडर मन्नान वानी को मार गिराया है। वह यूपी सहित जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षाबलों की सूची में सबसे ऊपर था।
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mannan - फोटो : social media
एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोधार्थी रहे जिस मन्नान वानी ने कश्मीर घाटी में आतंक की राह पर चलने की वजह बताते हुए अपना एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया था और खुद को आतंकी होना बताया था। वह मन्नान वानी यूपी पुलिस के रिकार्ड में लम्बे समय से गुमशुदा था। बता दें कि पिछले दिनों सेना ने कश्मीर के टॉप-10 आतंकियों की सूची में भी मन्नान को शामिल किया था।
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mannan vani
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का मन्नान वानी यहां एएमयू में भूगर्भ विज्ञान का शोधार्थी था और हबीब हॉल में रहता था। उसके अचानक गायब होने के तीसरे दिन सोशल मीडिया पर उसका एक फोटो एके-47 के साथ आतंकी वेश में वायरल हुआ और हिजबुल मुजाहिदीन प्रवक्ता ने उसके संगठन में शामिल होने की घोषणा की थी।
 

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mannan wani
घरवालों की उससे आखिरी बार 4 जनवरी को बात हुई थी। जब मन्नान ने अपने भाई को परिवार के साथ पुरानी तस्वीरें भेजी थीं। उसके बाद उसका फोन बंद हो गया। उसने उसका फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया।
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mannan wani
मन्नान पिछले पांच साल से एएमयू से पढ़ रहा था। वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ताकिपोरा गांव का रहने वाला था। मन्नान को उसके घरवाले आगे की पढ़ाई के लिए यूएस भेजने की तैयारी कर रहे थे जिसके लिए वह बहुत ज्यादा उत्साहित था लेकिन उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर के बाद से घरवाले निराश थे और वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे।
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