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कश्मीर में खुद खाई थी गोली, अब साथियों को बचाने के लिए खुद मेजर ने बनाई बुलेट प्रूफ जैकेट

Tue, 24 Dec 2019 02:09 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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मेजर अनूप मिश्रा - फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर में लगातार सीमा पर भारतीय सेना के जवानों को पाकिस्तानी सेना अपनी गोलियों से निशाना बनती रहती है। इस नापाक हरकत और खुद गोली खाने वाले मेजर ने इसी को देखते हुए स्वदेशी सर्वत्र बुलेट प्रूफ जैकेट का निर्माण किया है जो स्नाइपर राइफल की गोलियों से सुरक्षा प्रदान कर सकती है। नियंत्रण रेखा और कश्मीर घाटी में कई स्नाइपर की घटनाएं घटित होने के बाद इस परियोजना पर कार्य शुरू हुआ।

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मेजर अनूप मिश्रा - फोटो : ANI
जैकेट विकसित करने वाले मेजर अनूप मिश्रा ने बताया कि हमने लेवल 4 बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। इसे पुणे के मिलिट्री इंजीनियरिंग कॉलेज में विकसित किया गया। ये जैकेट स्नाइपर राइफल्स से दागी गई गोलियों से पूरे शरीर को सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसी क्षमता रखने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश है।

 
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बुलेट प्रूफ जैकेट पहने सेना का जवान - फोटो : ANI
सोमवार को आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने मेजर मिश्रा को आर्मी डिजाइन ब्यूरो एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया था। 

 

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बुलेट प्रूफ जैकेट
जल्द सीमा पर तैनात हर जवान के पास होगा यह कवच 
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ये पूछे जाने पर कि इस जैकेट को विकसित करने की जरूरत क्यों थी?  मेजर मिश्रा ने कहा कि नियंत्रण रेखा और कश्मीर घाटी में स्नाइपर हमलों को देखते हुए जवानों की पूरे शरीर के लिए सुरक्षा कवच देने की जरूरत महसूस हुई। मेजर मिश्रा ने कहा कि जैकेट को इन्फैन्ट्री की ओर से अपने टेस्टिंग पैमाने पर परखा जा चुका है। भारतीय सेना की ओर से फुल बॉडी प्रोटेक्शन बुलेट प्रूफ जैकेट्स के लिए टेंडर जारी किए जाना प्रत्याशित है। इनका उत्पादन भारतीय रक्षा उद्योग से जुड़े किसी सहयोगी की ओर से किया जाएगा।
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सुरक्षाबल - फोटो : फाइल, अमर उजाला

मेजर अनूप मिश्रा ने बताया कि जब वह जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड थे उस दौरान वे एक ऑपरेशन के दौरान गोली का शिकार हुए थे। उस दौरान उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन राखी थी इस वजह से गोली उनके शरीर को भेद तो नहीं सकी मगर उस गोली ने शरीर पर असर छोड़ दिया था। ऐसे में उन्होंने अपनी बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने का फैसला किया। यह जैकेट 10 मीटर से भी स्नाइपर बुलेट का सामना कर सकता है।   

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