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जम्मू कश्मीर लॉकडाउन की ग्राउंड रिपोर्टः बाबू जी बच्चे भूखे हैं, कुछ खाने को दे दो...फिर खुली प्रशासन की पोल

Fri, 03 Apr 2020 03:17 PM IST
प्रशांत कुमार संजीव दुबे, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
समयः दोपहर 12 बजे
स्थानः अंतिम मोड़ गांधीनगर, जम्मू

माहौलः यहां पर करीब चार से पांच दवाई की दुकानों व साथ में सटी किराना की दुकानों में खरीदारी करते लोग। सामाजिक दूरी के नाम पर केवल औपचारिता निभाई जा रही हैं। कोई भी पुलिसकर्मी सड़क पर नहीं। कई जगह समूह में लोग खड़े हुए। इतने में करीब एक साल के बच्चे को छाती से लगाए व एक चार साल के बच्चे पकड़े हुए महिला लोगों के पास जाकर खाना खिलाने की फरियाद करती है।
 
 
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
महिला की कुछ मदद करने पर, उसने बताया कि कोई भी सरकार या गैर सरकारी संगठन की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं दी जा रही हैं। वह फ्लाई ओवर व इसके आसपास के क्षेत्र में भीख मांगकर ही गुजारा कर रही है। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं हैं और हम लोग समूहों में ही रह रहे हैं।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
इस महिला के आसपास नजर दौड़ाई तो देखा कि उस जैसे कई लोग भीख मांग रहे हैं और कई लोग उन्हें दूर हट.. दूर हट कह रहे हैं। रेहड़ी पर सब्जी खरीदते वक्त व कई किराना स्टोर पर भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा। यहां तक की रेड जोन घोषित किए गए क्षेत्रों जिसमें कासिम नगर और रिफ्यूजी बस्ती में भी भीख मांगने की सूचनाएं मिली हैं।

 

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
इस बारे में डीसी जम्मू सुषमा चौहान के कहा कि वह इस मामले को देखेंगी। उनके अनुसार प्रशासन व विभिन्न गैर सरकारी संगठनों की तरफ से दस हजार के करीब लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया है। डीसी कार्यालय के एक अधिकारी को खासतौर से इस कार्य में ही लगाया गया है।
 
 
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जरूरतमंदों को राशन मुहैया करवाते लोग - फोटो : अमर उजाला
राशन वितरण के नाम पर भी सियासत हावी
राशन वितरण के मामले में सियासी पार्टियां व उनके कार्यकर्ता सियासत करने से बाज नहीं आ रहे। राशन वितरण के नाम पर केवल अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए ज्यादातर उन लोगों को राशन दिया जा रहा जो चुनाव में उन्हें वोट भी दे सकें।
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